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छात्राओं ने ली शपथ, हिंदी में ही करेंगी हस्ताक्षर

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गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम हिंदी है हम के तहत शपथ लेतीं छात्राएं और शिक्? - फोटो : BADAUN
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बदायूं। अमर उजाला के हिंदी हैं हम अभियान के तहत गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में सोमवार को कई कार्यक्रम हुए। छात्राओं ने शपथ ली कि वे अपने हस्ताक्षर व अधिकतम कामकाज हिंदी में ही करेंगी। इसके साथ ही दूसरों को भी हिंदी में कामकाज के लिए प्रेरित करेंगी। छात्राओं ने भाषण व पोस्टर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। साथ ही नाटक भी मंचित किया। इसके माध्यम से हिंदी को समृद्ध भाषा बनाने का संकल्प लिया गया।
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गिंदो देवी महिला महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. गार्गी बुलबुल ने कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के चित्र पर दीपार्चन कर किया। राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रभारी डॉ. सरला चक्रवर्ती ने भी मां शारदे को पुष्प अर्पित किए। प्राचार्य ने हिंदी की महत्ता के बारे में बताया। इसके बाद भाषण प्रतियोगिता हुई। विषय था ‘राष्ट्रभाषा हिंदी : चुनौतियां एवं समाधान’। बीए प्रथम व द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने हिंदी की मौजूदा स्थिति पर विचार रखे।
भाषण प्रतियोगिता के बाद पोस्टर प्रतियोगिता हुई तो लघु नाटिका भी। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. चक्रवर्ती ने बताया कि परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे।
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यह शपथ ली छात्राओं ने
हम सभी आज यह शपथ लेते हैं कि हम लोग अपना सारा कार्य अपनी मातृभाषा हिंदी में करेंगे। हिंदी में ही हस्ताक्षर करेंगे। हिंदी में ही आवेदन भरेंगे और अपनी मातृभाषा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। लोगों को प्रेरित करेंगे और जन जागरूकता लाएंगे। हम संकल्प लेते हैं कि हिंदी का गौरव बढ़ाएंगे। इसकी शान किसी भी कीमत पर कम नहीं होने देंगे।
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- जय हिंदी, जय भारत
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भाषण प्रतियोगिता में ये बोलीं छात्राएं
हम प्रण करें कि अपनी हिंदी को अपने से अलग नहीं होने देंगे। हिंदी ही हम भारतवासियों की पहचान है। हमें पाश्चात्य भाषाओं को सीखना तो चाहिए लेकिन हमारी असली पहचान और बुलंदियों पर केवल हमारी हिंदी ही पहुंचा सकती है।
-पारुल वर्मा
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हिन्दी विश्व में बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में से एक है। विश्व की प्राचीन, समृद्ध और सरल भाषा होने के साथ-साथ हिन्दी दुनिया भर में हमें सम्मान भी दिलाती है। यह भाषा है हमारे सम्मान, स्वाभिमान और गर्व की। मातृभाषा हिंदी हर हिंदुस्तानी की आन-बान और शान है।
- मूर्ति देवी
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हिंदी दिवस पर सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी के बदले हिंदी भाषा को उपयोग करने की सलाह दी जाती हैं। हिंदी का विकास करना है तो लोगों को दूसरी भाषाओं को छोड़कर अपने देश की भाषा को स्वीकार करना पड़ेगा।
- राजकुमारी
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आज भी हमारे समाज में कई लोग हिंदी के बदले विदेशी भाषाओं को ज्यादा महत्व देते हैं। हमें अपने सभी कार्यों और बोलचाल में हिंदी का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करना चाहिए। हम हिंदी भाषी हैं। हमें देश हिंदी का सम्मान करना चाहिए। हमारे देश में सभी धर्मों के लोग रहते हैं। उनके खानपान, रहन-सहन और वेशभूषा अलग-अलग है पर एक हिंदी ही हैं जो सभी धर्मों के लोगों को आपस में जोड़ती है।
- पूर्णिमा यादव
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कार्यक्रम अधिकारी बोलीं:
हिंदी दिवस पर ही क्यों, हमें बाकी दिन भी हिंदी के उत्थान की दिशा में काम करना चाहिए। हिंदी पखवाड़े के तहत हमने इस बात को छात्राओं के जरिये समाज में प्रसारित कराने का प्रयास किया है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
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- डॉ. सरला चक्रवर्ती
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