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...यहां तो मूल्यांकन उत्तरमाला में गलत निकला उत्तर!

Fri, 03 Apr 2015 08:12 PM IST
badaun
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बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का चल रहे मूल्यांकन कार्य में शुक्रवार को कॉपी जांच रहे परीक्षकों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद से उपलब्ध कराई गई उत्तरमाला की खामी पकड़ ली। इसमें दिए गए प्रश्न का जवाब गलत था। जैसे ही शिक्षकों ने देखा, तो सभी असमंजस में पड़ गए। ऐसे में वह सोचने लगे की कौन से उत्तर को सही माना जाए। लिहाजा डिस्कशन के बाद उत्तर माला में अंकित जवाब को ही सही मानते हुए कॉपी जांचनी शुरू की गई।
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शहर में तीन इंटर कॉलेजों में मूल्यांकन कार्य चल रहा है। राजकीय इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट तथा एसके, इस्लामियां कॉलेज में हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा रही हैं। बहिष्कार के बाद बृहस्पतिवार से ढंग से कॉपी जांची जानी शुरू हुईं। वहीं शुक्रवार को जीआईसी में कॉपी जांच रहे परीक्षकों ने जब एक विषय की कॉपी जांचनी शुरू की तो देखा बहु विकल्पीय प्रश्न के एक सवाल का जवाब माध्यमिक शिक्षा परिषद से आई उत्तर माला में गलत दर्ज था। इस खामी को पकड़ते ही कमरे में कॉपी जांचते हुए परीक्षक रुक गए और एक दूसरे को इस प्रश्न को कैसे चेक किया जाए? की आपस में चर्चा करते हुए पूछने लगे। परीक्षकों ने बताया कि परिषद से आई उत्तरमाला में प्रश्न का जवाब गलत है। जबकि सही उत्तर दूसरा है। काफी देर तक इसे लेकर मंथन चलता रहा। सीनियर शिक्षकों के समक्ष भी इस बात को रखा गया। बाद में उत्तरमाला में दर्ज उत्तर को ही सही मानते हुए कॉपी जांचना शुरू कर दी गईं। एक शिक्षाविद ने बताया कि ऐसी कंडीशन में उत्तरमाला में दर्ज जवाब को भी सही माना जाता है। वहीं अगर बच्चे ने सही जवाब दिया है, तो उसे भी सही ठहराते हुए नंबर दिए जाते हैं, लेकिन ज्यादातर फोकस उत्तरमाला पर होता है।

माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जो उत्तरमाला (हल) आती हैं, उन्हें ही सही माना जाता है। इसी के अनुसार परीक्षक कॉपी जांचते हैं। -संत प्रकाश, प्रिंसिपल जीआईसी, बदायूं।
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