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जिला अस्पताल में एक महीने से नहीं है एआरवी

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बदायूं। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) खत्म हो गई है। इसे एक माह होने जा रहा है, लेकिन अब तक जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग एआरवी का इंतजाम नहीं करा पाया है। इससे रोजाना अस्पताल से मरीज वापस जा रहे हैं। उन्हें तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में यदि किसी को कुत्ता या बंदर काट ले तो उसे या तो मेडिकल स्टोर से महंगी वैक्सीन खरीदकर लगवानी होगी या फिर खुद को भगवान भरोसे छोड़ना होगा। दोनों ही स्थितियों में मरीजों को नुकसान है।
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इस समय प्रदेश भर में एआरवी का संकट है। जगह-जगह अस्पतालों में विवाद हो रहा है। धरना प्रदर्शन तक हो रहे हैं। बदायूं के जिला अस्पताल में भी पांच दिसंबर से एआरवी खत्म हो चुकी है। यही स्थिति जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर है। रोजाना कुत्ता-बंदर काटे के मरीजों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। इसके बावजूद अस्पताल में रोजाना सौ से लेकर डेढ़ मरीज पहुंच रहे हैं। मरीज सुबह आकर खड़े हो जाते हैं। बाद में वैक्सीन न होने की बात सुनकर लौट जाते हैं। एआरवी खत्म हुए पूरा एक माह होने जा रहा है, लेकिन अब तक जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग एआरवी का इंतजाम नहीं करा पाया है।
बताते हैं कि जिला अस्पताल से दो बार उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अभी ये पता नहीं चल रहा है कि एआरवी कब तक आएगी या कौन से दिन आएगी। मरीज रोजाना दूर दराज से किराया खर्च करके आते हैं और वापस लौट जाते हैं।
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महंगे दामों में बेची जा रही एआरवी
-एक ओर जिला अस्पताल में एआरवी का संकट है, तो वहीं दूसरी मेडिकल स्टोर मालिकों की मौज आ गई है। वह तीन सौ से साढ़े तीन सौ रुपये तक में एआरवी बेच रहे हैं। खासकर अस्पताल के आसपास वाले मेडिकल स्टोर एआरवी मनमाने मूल्यों पर बेच रहे हैं। इससे लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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