मच्छरों और बिजली कटौती की वजह से नींद में पड़ रहा खलल
अप्रैल के पहले वीक में ही पारा 40 डिग्री पर चढ़ गया है। ऐसे में लोगों को भीषण गर्मी झेलने के साथ ही बिजली कटौती ने भी परेशान कर रखा है। गर्मी का पारा हाई होते ही बिजली कटौती में भी तेजी आ गई है। ऐसे में रात 12 बजे से होने वाली कटौती ने तो शहरियों की नींद हराम कर रखी है। वहीं विभागीय अफसर स्थानीय स्तर से बिजली कटौती न किए जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने शहरी और देहात क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में बिजली सप्लाई दिए जाने का आश्वासन दिया है। इसके बावजूद जिले सहित शहर में भी बिजली कटौती की जाती है। रात्रिकालीन बिजली कटौती से शहरियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रात में 11 एवं 12 बजे से लेकर तीन चार बजे तक बिजली कटौती की जाती है। रात में बिजली कटौती होने से लोगों को कमरों में नींद नहीं आती है, जबकि खुले में मच्छरों ने नींद उड़ा रखी है। ऐसे में शहरी जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। इसकी शिकायत बिजली उपभोक्ता कर चुके हैं, लेकिन विभागीय अफसर स्थानीय स्तर से बिजली कटौती न किए जाने की बात कह रहे हैं।
बिल्सी को नहीं मिल पा रही पर्याप्त बिजली
बिल्सी। जैसे-जैसे गर्मी का पारा बढ़ता जा रहा है, उसी आधार पर नगर क्षेत्र में लगातार बिजली की कटौती बढ़ती जा रही है। इससे जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त होता जा रहा है। बीते महीनों की बिजली सप्लाई पर नजर डाले तो कोई शेड्यूल नजर नहीं आता है। बिजली कटौती के चलते नगर एवं क्षेत्र में विद्युत चालित उपकरण शो-पीस बनकर रह गए हैं, जिससे लोगों में बिजली महकमे के प्रति आक्रोश पनपता जा रहा है।
यहां 24 घंटे में मात्र छह घंटे की बिजली आपूर्ति दी जा रही है। जिसका यहां आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। लिहाजा, बिजली गुल रहने से लोग नींद नहीं ले पा रहे हैं। मच्छरों का प्रकोप बढने से समस्या और भी जटिल हो गई है। अघोषित कटौती से नगर-क्षेत्र में लगे कुटीर उद्योग धंधे चौपट पड़े हैं और जलापूर्ति भी प्रभावित हैं। इधर के लोगों का कहना है कि विगत वर्ष प्रदेश सरकार ने हर तहसील मुख्यालय को कम से कम 16 घंटे बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराएं जाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से हर तहसील पर अलग से बिजलीघर का निर्माण कराया। जिसके बाद भी यहां की जनता को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। वर्तमान में तो ग्रामीण क्षेत्र को 12-16 घंटे बिजली मिल रही है। जबकि तहसील मुख्यालय पर मात्र 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जिसके कारण लोगों में बिजली महकमे के प्रति आक्रोश पनपता जा रहा है।