बदायूं। ठंड बढ़ने के साथ ही जिले में हार्ट अटैक और हृदय संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। हालत यह है कि जिला अस्पताल में रोजाना आठ से 10 मरीज ह्दय से संबंधित पहुंच रहे है। इसमें दो से तीन मरीज गंभीर आ रहे। इनको हायर सेंटर के लिए भेजा जा रहा है।
जिला अस्पताल में रोजाना सीने में दर्द, सांस फूलने, घबराहट और उल्टी-दस्त के साथ आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार हर दिन दो से तीन गंभीर हृदय रोगियों को उच्च संस्थानों के लिए रेफर किया जा रहा है। स्थिति इसलिए और गंभीर हो जाती है क्योंकि जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ का कोई पद सृजित ही नहीं है।
विशेषज्ञों की गैरमौजूदगी में सामान्य चिकित्सक प्राथमिक उपचार देने के बाद मरीजों को सैफई, लखनऊ के लिए रेफर कर रहे हैं। इससे समय पर इलाज न मिल पाने का खतरा बना रहता है और मरीजों के परिजनों को आर्थिक व मानसिक परेशानी भी उठानी पड़ रही है।
डॉक्टरों ने लोगों को सर्दी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ठंड में सुबह-सुबह टहलने से बचें, अचानक ठंडे पानी से न नहाएं, धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं तथा सीने में दर्द, सांस की तकलीफ या तेज घबराहट होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। इस संबंध में सीएमएस डॉ. अमित कुमार वार्ष्णेय ने बताया यहां पर पद न होने की वजह डाॅक्टर की तैनाती नहीं है।