बदायूं। नीलकंठ महादेव और जामा मस्जिद से जुड़े वाद में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में इंतजामिया कमेटी के पक्ष के अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के पुराना आदेश अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया।
इंतजामिया कमेटी की दलील पर हिंदू पक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इस मामले की सुनवाई पर सीधे तौर पर रोक लगाने के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। हिंदू पक्ष के अधिवक्ताओं ने अपने दावे के समर्थन में तर्क और तथ्य अदालत के सामने रखे। अब 17 अगस्त को अदालत में अगली सुनवाई होगी।
बता दें कि 2022 से यह वाद अदालत में विचाराधीन है। इंतजामिया कमेटी और नीलकंठ महादेव पक्ष की तरफ से तमाम चीजें भी प्रस्तुत की जा चुकी हैं। संवाद