बदायूं। नीलकंठ महादेव मंदिर-जामा मस्जिद मामले में शुक्रवार को एक आदेश हुआ, जिसमें वादी पक्ष का 6 मार्च का संशोधित प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया। अब 29 अप्रैल को केस की पोषणीयता पर सुनवाई होगी।
अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल की ओर से सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत में याचिका दायर की गई थी। इसमें जामा मस्जिद शम्सी की जगह नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा किया गया है। सिविल जज सीनियर डिविजन एफटीसी न्यायालय के न्यायाधीश मनीष कुमार ने वादी पक्ष के अधिवक्ता नंद किशोर गुप्त की ओर से 6 मार्च को दिए प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए आदेश दिया कि पहले वाद की पोषणीयता पर सुनवाई होगी। इस बारे में पुराने आदेश को संशोधित किए जाने का कोई पर्याप्त आधार नहींं है। वादी पक्ष का कहना था कि पोषणीयता पर सुनवाई न हो, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया। वाद की पोषणीयता पर अब सुनवाई 29 अप्रैल को होगी। सुनवाई के दौरान तय होगा कि वाद चलेगा या नहीं।