अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल ने जामा मस्जिद में नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा करते हुए 2022 में याचिका दाखिल की थी। इसमें दावा किया गया कि शहर की जामा मस्जिद को नीलकंठ महादेव मंदिर को तोड़कर बनाया गया था। इस पर न्यायालय में सुनवाई चल रही है। सुनवाई में पहले सरकार पक्ष की तरफ से बहस शुरू की गई थी। अब इंतजामिया कमेटी की तरफ से बहस हो रही है। इस पूरे मामले की सुनवाई होने के बाद न्यायालय अपना फैसला देगा कि यह वाद चलने लायक है या नहीं।
पुरातत्व विभाग ने राष्ट्रीय धरोहर बताया था
आठ अगस्त 2022 को मुकेश पटेल ने अदालत में वाद दायर करते हुए कहा कि जहां पर शहर की जामा मस्जिद है, वहां पर पूर्व में नीलकंठ महादेव का मंदिर हुआ करता था। इसके बाद से ही अदालत में इस मामले में सुनवाई शुरू हुई। पहले सरकार की तरफ से पक्ष रखा गया। पुरातत्व विभाग ने इसे राष्ट्रीय धरोहर बताया। साथ ही कहा कि राष्ट्रीय धरोहर से 200 मीटर तक सरकार की जगह है। वादी पक्ष का दावा है कि मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई। दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं। यह मामला सुनवाई योग्य है या नहीं, यह अदालत साक्ष्य व सबूतों के आधार पर तय करेगी।