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डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क

Mon, 17 Jul 2017 06:36 PM IST
बदायूं। 
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बदायूं।  - फोटो : बदायूं। 
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बारिश शुरू होने के साथ ही डेंगू को लेकर हर बार की तरह इस बार भी स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डेंगू का प्रकोप अमूमन जुलाई से नवंबर तक रहता है और हर साल कई लोगों की जान चली जाती है। इस साल जिले में मलेरिया के ज्यादा मामले सामने आने की वजह से आशंका जताई जा रही है कि डेंगू के मामले भी ज्यादा आएंगे। मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग का संक्रामक रोग नियंत्रण सेल इसके लिए अभी से तैयारी कर रहा है लेकिन शहर में हुए जलभराव की समस्या के निराकरण के कोई उपाय नगर पालिका की ओर से नहीं किए गए हैं। शहर में जगह-जगह जलभराव है। इससे डेंगू की आशंका बनी हुई है।            
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बारिश शुरू होने के साथ ही डेंगू के प्रकोप का खतरा भी बढ़ जाता है। डेंगू का संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से से फैलता है। गौर करने वाली बात यह है कि डेंगू फैलाने वाला मच्छर दिन और रात दोनों वक्त कटता है। डेंगू का सीजन शुरू होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में अलग से एक वार्ड आरक्षित कर दिया है। हालांकि, इस सीजन में अब तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। लेकिन, पिछले साल जिले में डेंगू से 24 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।  
डेंगू के लक्षण            
डेंगू के रोगी को शुरुआत में तेज ठंड लगती है। इसके साथ ही उसे सिर, कमर दर्द और आंखों में तेज दर्द की शिकायत होती है। रोगी को लगातार तेज बुखार रहता है। जोड़ों में दर्द, बेचैनी, नाक से खून और उल्टियां आने की शिकायत रहती है। 
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बचाव के तरीके           
डेंगू का वायरस एडीज नामक मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन और रात दोनों वक्त काट सकता है। इसके लिए जरूरी है कि घर या घर के आस-पास पानी न भरा रहने दें। कूलर आदि को साफ करके रखें। आमतौर पर एडीज मच्छर साफ पानी पर पनपते हैं। रात को सोते वक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करना चाहिए। पूरी बांहों की शर्ट पहनें। गमलों की सफाई भी समय-समय पर करते रहें।  
पिछले साल सामने आए थे डेंगू के 154 मामले            
पिछले साल जिले में डेंगू के 154 मामले सामने आए थे। इनमें 17 लोगों की जान चली गई थी। मरने वालों का यह सरकारी आंकड़ा है। निजी अस्पतालों में भी डेंगू की वजह से लोगों की मौत हुई थी। यह मरने वाले सरकारी आंकड़ों में शामिल नहीं हैं। हालांकि, नगर पालिका भी हर साल फागिंग के नाम पर मोटा बजट खर्च करती है। इसके बावजूद मच्छरों के प्रकोप पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। मच्छर जनित बीमारियों हर साल हजारों लोगों को चपेट में लेती हैं।   डेंगू से निपटने की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मलेरिया विभाग और संक्रामक रोग नियंत्रण सेल की टीमें लगी हुई हैं। अब तक जिले में डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड आरक्षित कर दिया गया है।
-डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ
डेंगू से बचाव के उपाय जाने
-हजरतगंज बीआरसी केंद्र पर कार्यशाला में पहुंचे एमओआईसी  
प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों और बच्चों को डेंगू और अन्य संक्रमण जनित बीमारियों से बचाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक एमबी सिंह और जिला मलेरिया निरीक्षक अमित कुमार तिवारी ने स्कूल के आसपास इलाके के लोगों को भी जागरूक करने पर जोर दिया।      
कार्यशाला हजरतगंज स्थित ब्लॉक संसाधन केंद्र पर सोमवार को शुरू हुई। चिकित्साधीक्षक डॉ. एमबी सिंह ने अध्यापकों को बताया कि स्कूली बच्चों को संक्रमण से बचाने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को मच्छर जनित बीमारियों के प्रति सजग किया जाए। स्कूल और घरों के आसपास सफाई रखने से ही मच्छर पैदा नहीं होंगे। इसके बाद मच्छरों से पैदा होनी वाली बीमारियों पर खुद ही अंकुश लग जाएगा। उन्हें यह भी बताया गया कि डेंगू के टेस्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास सुविधा है। इसके लिए जिला अस्पताल में स्पेशल सेल भी बना है।      
अध्यापकों ने बीमारियों को लेकर जिला मलेरिया निरीक्षक अमित कुमार तिवारी और चिकित्साधीक्षक से अहम जानकारियां भी लीं। साथ ही उन्होंने जागरूकता के लिए प्रचार और प्रसार पर भी जोर दिया। बता दें कि चिकित्सा-स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से स्कूलों में भी जागरूकता अभियान चलाने की पैरवी की गई थी। कार्यशाला में अरविंद दीक्षित, मुकेश कुमार, रामकिशोर पाल, ललित कुमार, कमल यादव, राघवेंद्र पपाल सिंह, मीनाक्षी देवी, नीरू कुमारी, परमवीर सिंह, नरेशपाल सिंह, राजीव कुमार, सुशील कुमार और नरेंद्र सिंह मौजूद थे।
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