जरीफनगर। दहगवां क्षेत्र के गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में हेपेटाइटिस से दो भाइयों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। रविवार को गांव में कोई स्वास्थ्य शिविर नहीं लगाया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ गई हैं।
दहगवां के गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में हेपेटाइटिस से दो भाइयों की मौत हो गई थी। इसके बाद शुक्रवार को ही गांव में लगे स्वास्थ्य शिविर में आठ लोगों में हेपेटाइटिस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। बावजूद इसके शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केवल डेंगू और मलेरिया की जांच कर औपचारिकता निभाई। टीम ने हेपेटाइटिस की जांच नहीं की।
अब रविवार को टीम के गांव नहीं पहुंचने से ग्रामीण खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीण राकेश, रवि का कहना है कि जब गांव में संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं और दो लोगों की मौत हो चुकी है, तब लगातार निगरानी और जांच होनी चाहिए थी। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण संक्रमितों की पहचान और समय पर उपचार प्रभावित हो सकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव में तत्काल विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी संदिग्ध लोगों की हेपेटाइटिस जांच कराई जाए। वहीं प्रधान उदय प्रताप सिंह का कहना है कि ब्लॉक से कोई सफाई कर्मचारी नहीं आए। अपने स्तर से ही अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर सफाई कराई जा रही है।
गांव में सोमवार को टीम पुन: भेजी जाएगी, जो गांव पहुंचकर हेपेटाइटिस सहित सभी जरुरी जांचे करेगी। फिलहाल गांव में फॉगिंग, एंटी लार्वा की दवा का छिड़काव कराया गया है। -डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ