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मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर नदारद, मरीज अव्यवस्थाओं से परेशान

सार

जिले में बुखार, मौसमी बीमारियों, मलेरिया और डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच राजकीय मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाएं पटरी से उतरी दिख रहीं हैं।ऐसे में जिला अस्पताल के मुकाबले मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में चार गुना मरीज पहुंच रहे हैं।रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी विभाग में भी जांच कराने को मरीजों की भीड़ रही।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लगी भीड़। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिले में बुखार, मौसमी बीमारियों, मलेरिया और डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच राजकीय मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाएं पटरी से उतरी दिख रहीं हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों तीन से चार हजार मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं लेकिन ओपीडी से डॉक्टरों के नदारद रहने के कारण यहां लंबी कतारें लग रही हैं। शनिवार को सप्ताह के अंतिम दिन ओपीडी में कतारें लगी रहीं। महिलाएं और बच्चे परेशान दिखे।
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जिले में स्वास्थ्य सेवाएं राजकीय मेडिकल शुरू होने के बाद भी बेहतर नहीं हो सकी हैं। सीएचसी से लेकर मेडिकल कॉलेज तक अव्यवस्थाएं हैं। मेडिकल कॉलेज से मरीजों को ज्यादा उम्मीद होती है। ऐसे में जिला अस्पताल के मुकाबले मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में चार गुना मरीज पहुंच रहे हैं। शनिवार को ओपीडी में लगभग 3500 मरीज पहुंचे। इनमें महिला और बच्चों की भी बड़ी संख्या रही। ओपीडी शुरू होने के बाद दोपहर तक यहां लाइन लगी रहीं। मरीजों को एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान महिलाओं और बच्चों को ज्यादा समस्या हुई।
भीड़ के बीच कई बीमार महिलाएं और बच्चे, बुजुर्ग फर्श पर बैठे दिखे। लापरवाही और अव्यवस्थाओं का शनिवार को आलम यह रहा कि कई गंभीर मरीज इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर पर लेटे दिखाई दिए। दवा स्टोर पर भी मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं। शेखूपुर से आईं नीलम ने बताया कि दो घंटे से लाइन में लगी हैं। खड़ा तक नहीं हुआ जा रहा। नौशेरा की बुजुर्ग महिला कमला देवी ने बताया कि दो से तीन घंटे में नंबर आता है। डॉक्टर बार-बार उठ जाया करते हैं। यही समस्या शहर के अमरपाल की भी थी।
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इमरजेंसी के बाहर भी दिखी भीड़, सौ से ज्यादा मरीज भर्ती किए गए
शनिवार को ओपीडी के साथ इमरजेंसी में भी लाइन लगी रहीं। यहां शनिवार को सौ मरीज भर्ती किए गए। रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी विभाग में भी जांच कराने को मरीजों की भीड़ रही। दरअसल, इन दिनों संक्रामक बीमारियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में मरीजों की संख्या में एकाएक इजाफा होने से हालात और बिगड़ गए हैं। ओपीडी में महिलाओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था भी नहीं की गई है।
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इन दिनों मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में तीन से चार हजार मरीज पहुंच रहे हैं। महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी है। अगर कहीं पर कोई समस्या है तो उसे दूर कराया जाएगा। महिलाओं और बच्चों के लिए भी व्यवस्था बनाई जाएगी।
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-डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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