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आयुष्मान कार्ड फजीवाड़े में कार्रवाई, 28 आईडी ब्लॉक

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बदायूं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत फर्जी आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी किए जाने के मामले में जांच आगे बढ़ी है तो कार्रवाई भी शुरू हो गई है। संदेह के घेरे में आए 28 कर्मचारियों की आईडी को ब्लॉक कर दिया गया है।
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यहां बता दें जांच साइबर क्राइम सेल कर रही है। बदायूं जिला महिला अस्पताल की सीएमएस की आईडी से भोपाल में 150 से ज्यादा फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी करने वाले प्रमोद कुमार संत नाम के कर्मचारी की तलाश जारी है।
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान गोल्डन कार्ड धारक गरीबों को साल में पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा है। पिछले दिनों आयुष्मान कार्ड के मामले में भोपाल में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था। पड़ताल हुई तो मालूम पड़ा कि एक ही मोबाइल नंबर और बदायूं जिला अस्पताल की सीएमएस की ई-मेल आईडी का इस्तेमाल करते हुए 150 से ज्यादा अपात्रों के नाम आयुष्मान कार्ड जारी कर दिए गए।
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मामले का राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) और राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (एसएचए) ने संज्ञान लिया। बाद में मालूम हुआ कि प्रमोद कुमार संत नाम का कर्मचारी जिला महिला अस्पताल में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात था। 2020 में उसने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद उसने फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी करने का रैकेट शुरू कर दिया। उसके साथ एक अन्य कर्मचारी भी शामिल रहा।
फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी कर अपात्रों के इलाज पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के इस मामले में साइबर क्राइम सेल जांच कर रही है। दो दिन पहले साइबर क्राइम सेल की टीम ने सीएमओ ऑफिस पहुंचकर पड़ताल भी की थी। यहां जिला समन्वयक नितिन वर्मा से पूछताछ के साथ तथ्यों को जुटाया गया। इसके साथ ही मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिले में 28 कर्मचारियों की आईडी ब्लॉक कर दी गई हैं। इन सभी को आयुष्मान कार्ड जारी करने के लिए आईडी और पासवर्ड दिया गया था। जांच के दौरान यह 28 आईडी संदिग्ध पाई गई हैं।
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सभी सीएचसी, पीएचसी से मांगी गई आईडी की जानकारी
सीएमओ कार्यालय ने जिले की सभी सीएचसी और पीएचसी से आईडी की जानकारी मांगी है। दरअसल, सीएचसी और पीएचसी स्तर पर भी आयुष्मान कार्ड जारी करने के लिए आईडी और पासवर्ड जारी किए गए हैं। बड़ी संख्या में यहां भी कार्ड जारी किए गए हैं। अब इनकी भी पड़ताल की जा रही है कि किस आईडी से कितने कार्ड जारी किए गए हैं। शुक्रवार तक जिले में 28 आईडी को ब्लॉक किया जा चुका है। अन्य संदिग्ध आईडी की भी जांच की जा रही है। इस संबंध में सूचनाएं साइबर क्राइम सेल को भी दी जा रही हैं।
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फर्जी आयुष्मान कार्ड जारी करने के मामले में साइबर क्राइम सेल जांच कर रही है। कार्ड जारी करने में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद से लगातार संदिग्ध और निष्क्रिय आईडी की जांच की जा रही है। जांच के दौरान संदह के घेरे में आईं 28 आईडी को अब तक ब्लॉक किया जा चुका है। संदिग्ध आईडी को ब्लॉक करने की कार्रवाई जारी है।
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-नितिन वर्मा, जिला समन्वयक आयुष्मान भारत योजना
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