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डिप्टी सीएम का दौरा भी काम न आया...अस्पताल में फिर बिजली ने रुलाया

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भीषण गर्मी में परेशान मरीज और उनके तीमारदार। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बदायूं दौरे के दूसरे दिन ही जिला अस्पताल में बिजली कटौती के कारण चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं पटरी से उतर गईं। पैथोलॉजी, एक्स-रे, सीटी स्कैन सेवाएं ठप होने के साथ ऑपरेशन थियेटर में भी काम रुक गया। हालांकि, सीएचसी और पीएचसी स्तर पर व्यवस्थाओं में कुछ सुधार दिखा। बार-बार बिजली गुल होने को लेकर सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम की एसई दीपक कुमार से मोबाइल कॉल पर हल्की तकरार भी हो गई।
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जिला अस्पताल में चौबीस घंटे बिजली सप्लाई की व्यवस्था है। इसके बाद भी कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। बृहस्पतिवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सामने भी यह मुद्दा उठा था, लेकिन उनके दौरे के दूसरे दिन ही बिजली कटौती के कारण व्यवथाएं पटरी से उतर गईं। दूरदराज से आए मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी में यहां भर्ती रोगी और उनके तीमारदार भी परेशान रहे। सुबह नौ से 12 बजे तक कटौती के दौरान ओपीडी को छोड़कर सभी सेवाएं ठप रहीं। हालांकि, देहात क्षेत्र में सीएचसी स्तर पर व्यवस्थाओं में सुधार दिखा। स्टाफ समय से पहुंचा और ओपीडी समेत अन्य सेवाएं सुचारु रहीं।
रोगियों और तीमारदारों का दबाव बढ़ने पर सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम ने एसई दीपक कुमार को कॉल की तो उन्होंने शटडाउन लिए जाने की बात बताई। इस पर सीएमएस ने बार-बार शटडाउन का कारण पूछा और उनको बताया कि एक सप्ताह में तीन दिन ही बिजली मिली है। यह भी बताया कि जिला अस्पताल की लाइन पर शटडाउन का समय तय कर लें। दिन में दो बजे तक ओपीडी में बड़ी संख्या में रोगी होते हैं। इस समय पर शटडाउन के नाम पर कटौती न करें। दोनों के बीच कॉल पर गरमा-गरमी भी हो गई। हालांकि, इसके बाद बिजली सप्लाई चालू हो गई।
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सीएमएस ने डीजल बजट के लिए डीजी हेल्थ को लिखा
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम ने डीजल के मद में बजट के लिए डीजी हेल्थ को लिखा है। दरअसल, लंबे समय से जिला अस्पताल को जनरेटर के डीजल के लिए बजट नहीं मिला है। ऐसे में बिजली गुल होने पर जनरेटर नहीं चल पा रहा और सेवाएं ठप हो जा रही हैं। बृहस्पतिवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की बैठक में यह मामला उठा था। डिप्टी सीएम ने डीजी हेल्थ से स्वीकृति लेकर दूसरे मदों से डीजल खर्च करने की बात कही थी। दरअसल, जिला अस्पताल के पास डीजल मद में करीब साढ़े तीन लाख हैं, लेकिन इस मद से डीजल सीएमएस की सरकारी गाड़ी के लिए ही इस्तेमाल हो सकता है।
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शुक्रवार को भी करीब तीन घंटे बिजली कटौती हुई। बृहस्पतिवार को ठीक सप्लाई मिली थी, लेकिन शुक्रवार को कटौती के कारण चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हुईं। इस संबंध में एसई पावर कॉरपोरेशन से भी बात की। उनसे बात करने के बाद दोपहर करीब 12 बजे सप्लाई चालू हो गई। एसई से अनुरोध किया है कि कार्य दिवस में दोपहर दो बजे तक जिला अस्पताल की सप्लाई बंद न की जाए।
- डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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बुखार का प्रकोप, जिले में भरी रहीं सीएचसी की ओपीडी
बदायूं। जिले में बुखार का प्रकोप है। शुक्रवार को देहात क्षेत्र में सीएचसी की ओपीडी बुखार के रोगियों से भरी रहीं। दिन भर लाइन लगी रहीं। ओपीडी पहुंचने वाले रोगियों में 75 फीसदी से ज्यादा बुखार के रोगी हैं।
उझानी में वायरल फीवर का व्यापक प्रकोप है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के दौरे के दूसरे दिन ओपीडी सुचारु रूप से चली। चिकित्साधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार ने बताया कि ओपीडी में सर्वाधिक रोगी बुखार के आ रहे हैं। शुक्रवार को सीएचसी पर सभी डॉक्टर और स्टाफ उपस्थित रहा। वजीरगंज सीएचसी पर शुक्रवार को पूरा स्टाफ और डॉक्टर रहे। यहां भी काफी संख्या में रोगी पहुंचे। सीएचसी के भवन में ही चल रहे राजकीय यूनानी अस्पताल का स्टाफ नदारद रहा। शुक्रवार को यहां एक स्वीपर ही पहुंचा।
सैदपुर सीएचसी की ओपीडी में शुक्रवार को दो सौ से ज्यादा रोगी पहुंचे। इनमें 80 रोगी बुखार के रहे। इसके अलावा त्वचा समेत अन्य बीमारियों के रोगी रहे। सीएचसी उसावां की ओपीडी में भी शुक्रवार को लाइन लगी रही। यहां बुखार के साथ त्वचा रोग और पेटठ संबंधी बीमारियों के रोगियों की संख्या ज्यादा रही। चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल सिद्धार्थ ने बताया कि प्रतिदिन कुत्ता और बंदर काटे के भी 20 से 25 रोगी आ रहे हैं। अलापुर सीएचसी की ओपीडी में शुक्रवार को 65 रोगी पहुंचे। डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि बुुखार के रोगी अधिक रहे। संवाद
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