टीकाकरण केंद्र पर सुरक्षा टीका लगवाती युवती। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। जिले में रविवार को अवकाश, बारिश और कांवड़ यात्रा के बावजूद एक दिन में 26 हजार लोगों ने कोरोना की सुरक्षा बूस्टर डोज ली। 230 केंद्रों पर जिले में पहली बार टीकाकरण के लिए अभियान चलाया गया था। रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने 23 हजार लोगों का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन लक्ष्य से ज्यादा लोग अवकाश के दिन भी टीकाकरण केंद्रों पर पहुंचे।
टीकाकरण के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए सरकार ने पहले शुल्क निर्धारित किया था। 386 रुपये देकर डोज ली जा सकती थी, लेकिन लोग डोज नहीं ले रहे थे। इस बीच कोरोना संक्रमण का दायरा फिर से बढ़ने लगा। पहली और दूसरी डोज लेने वाले लोग भी संक्रमण की जद में आने लगे। ऐसे में सरकार ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 जुलाई से 30 सितंबर तक निशुल्क डोज की व्यवस्था की। जिले में 19 लाख लोगों को मुफ्त डोज का लक्ष्य दिया गया है। जिन लोगों को कोरोना का दूसरा टीका लगवाए 26 सप्ताह या छह माह बीत चुके हैं वह 30 सितंबर तक मुफ्त सुरक्षा डोज ले सकते हैं। 15 जुलाई के बाद शनिवार छह अगस्त तक 1.20 लाख लोगों ने ही डोज ली थी।
रविवार को पहली बार जिले में 230 केंद्र बना कर डोज की व्यवस्था की गई। एक दिन में 23 हजार लोगों के लिए डोज का लक्ष्य रखा गया। रविवार अवकाश, सुबह बारिश और दिन में कांवड़ यात्रा की धूम के बावजूद 26 हजार लोगों ने टीकाकरण केंद्रों पर पहुंच कर डोज ली। अब सोमवार से सामान्य रूप से डोज टीकाकरण केंद्रों पर दी जाएगी।
-
युवाओं में डोज को लेकर ज्यादा उत्साह
डोज 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को मुफ्त दी जा रही है। रविवार को पहली बार जिले में डोज के लिए अभियान चलाया गया तो युवाओं में ज्यादा उत्साह दिखा। गौर करने की बात यह है कि एक दिन में जिन 26 हजार लोगों ने डोज ली है उनमें 18 से 40 वर्ष तक के युवाओं का प्रतिशत 68 फीसदी से ज्यादा है। डोज लेने वाले लोगों में महिलाओं का प्रतिशत कम है। स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर से डोज के लिए अभियान की तैयारी में भी लग गया है।
-
रविवार को कांवड़ यात्रा थी, दिन की शुरुआत बारिश के साथ हुई और अवकाश का दिन भी था। रविवार को विशेष अभियान के तहत जिले में 230 केंद्रों पर डोज दी गई। एक दिन में 23 हजार लोगों को एहतियात टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। एक दिन में 26 हजार लोगों ने डोज ली है। युवाओं की संख्या ज्यादा रही है।
-डॉ. मोहम्मद असलम, नोडल अधिकारी टीकाकरण