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धीमी हुई कोरोना की रफ्तार, मगर सावन की भीड़ में खतरा बरकरार

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कछला गंगा घाट पर लगी भीड़। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर से धीमी होने लगी है, लेकिन खतरा अब भी बना हुआ है। दरअसल, सावन और त्योहारी सीजन के दौरान गंगा तटों पर कांवड़ियों की भीड़ जुट रही है। बाजारों में भी भीड़ लग रही है। जुलाई के दूसरे सप्ताह के दौरान संक्रमण की रफ्तार अचानक बढ़ गई थी। इस दौरान जिले में सक्रिय रोगियों की संख्या बढ़कर 16 तक पहुंच चुकी है। हालांकि शनिवार को जिले में कोई नया रोगी नहीं मिला।
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सावन शुरू होने के साथ भीड़ बढ़ने से संक्रमण की रफ्तार बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। गंगा तट पर शिव भक्तों की टोलियां और गंगा तट से गुजरने वाले रोड पर कांवड़ियों के जत्थे गुजर रहे हैं। इन जत्थों में पड़ोसी जिलों के कांवड़िये भी बड़ी संख्या में होते हैं। रास्ते में जगह-जगह कांवड़ियों के लिए जलपान और भंडारे की व्यवस्था भी की जा रही है। गौर करने की बात यह है कि इस दौरान सावधानियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इन दिनों बाजारों में भी भीड़ लग रही है। स्कूल-कॉलेज भी खुल चुके हैं। हालांकि, कोरोना टीकाकरण का कवच लगातार मजबूत हो रहा है। पहली और दूसरी डोज के बाद बूस्टर डोज का काम भी चालू हो गया है। डॉक्टर कहते हैं कि फिर भी सावधानी और एहतियात की जरूरत है। जिस तरह से बार-बार संक्रमण की रफ्तार बढ़ रही है और नए-नए वेरिएंट दस्तक दे रहे हैं उसको देखते हुए खतरा पूरी तरह से टलने की बात नहीं कही जा सकती।
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शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 1925 लोगों के सैंपल लिए थे। इनमें 942 की आरटीपीसीआर और 983 की एंटीजन जांच कराई गई। कोई संक्रमित नहीं निकला। रविवार को कोई संक्रमित स्वस्थ्य भी नहीं हुआ है। ऐसे में सक्रिय रोगियों की संख्या पांच बनी हुई है। सभी रोगी होम क्वारंटीन हैं।
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बरेली, पीलीभीत, चंदौसी, कासगंज से भी पहुंच रहे शिव भक्तों के जत्थे
कछला गंगा तट पर सावन के मद्देनजर पड़ोसी जिलों बरेली, पीलीभीत, कासगंज और संभल के चंदौसी से भी बड़ी तादाद में शिव भक्त कांवड़ियों के जत्थे पहुंच रहे हैं। शनिवार से सोमवार तक गंगा तट पर शिव भक्तों की भीड़ रहती है। इसके अलावा इन दिनों बाजारों में भी कांवड़ यात्रा के लिए खरीदारी भी खूब हो रही है। यहां भी लोग सावधानी नहीं बरत रहे। दरअसल, दूसरे जिलों से आने वाले लोगों की ट्रेसिंग में भी दिक्कत होती है। वे किन-किन लोगों के संपर्क में आए यह पता लगाने में मुश्किल होती है। ऐसे हालात में संक्रमण तेजी पकड़ सकता है।
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जुलाई के दूसरे सप्ताह में तेजी से बढ़ी थी रफ्तार
इस वर्ष जून के अंतिम सप्ताह से कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने लगी थी। जुलाई के दूसरे सप्ताह तक एक-एक दिन में पांच-पांच नए रोगी मिलने लगे। इस दौरान सक्रिय रोगियों की संख्या बढ़कर 16 तक पहुंच चुकी है। हालांकि दूसरा सप्ताह खत्म होने के साथ संक्रमण की गति कुछ धीमी पड़ी है। अब भी जिले में पांच सक्रिय संक्रमित हैं।
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टीकाकरण का कवच मजबूत हो रहा है। जुलाई के दूसरे सप्ताह के मुकाबले अब संक्रमण की रफ्तार धीमी हो रही है, लेकिन एहतियात बरतने की जरूरत है। जिस तरह से लोग लापरवाही कर रहे हैं वह ठीक नहीं है। स्कूल-कॉलेज भी खुल चुके हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पड़ोसी जिलों के लोग भी पहुंच रहे हैं।
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-डॉ. रजनीश शर्मा, कांट्रैक्ट एंड ट्रेसिंग ऑफिसर कोविड- 19
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