फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवाबपुरा के सरकारी नलों में निकला दूषित पानी ही बना पीलिया की वजह

विज्ञापन
नवाबपुरा गांव में बोतल में पीला पानी दिखाता ग्रामीण। संवाद - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
बदायूं / वजीरगंज। ग्राम पंचायत रहेड़िया के मजरा नवाबपुरा में फैले पीलिया का मुख्य कारण दूषित पानी था। बुधवार को गांव पहुंची जल निगम की टीम ने सरकारी और निजी नलों के पानी का सैंपल लिया। उसकी प्राथमिक जांच कराई गई। इसके अलावा 14 नलों का पानी जांच को लैब भेजा गया। घर-घर जाकर क्लोरीन की गोलियां भी बांटीं गईं।
विज्ञापन

एक दिन पहले मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नवाबपुरा पहुंचकर 63 लोगों के खून की जांच कराई थी। इस जांच में आठ लोग पीलिया के मरीज निकले। उन्हें कई दिन से बुखार आ रहा था। जब सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची, तब गांव में पीलिया फैलने का खुलासा हुआ। बुधवार को जल निगम की डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट मॉनीटिरिंग यूनिट की टीम गांव पहुंची। टीम ने तमाम निजी और सरकारी नलों के पानी का सैंपल लिया। पानी 10 मिनट रखने पर पीला पड़ गया। टीम ने बताया कि जांच में पानी में फ्लोराइड और नाइट्रेट तो सही निकला लेकिन क्लोराइड 2.00 पीपीएम निकला जो खतरनाक स्थिति में हैं। आयरन 1.00 पीपीएम पाया गया। यह भी खतरे के लेवल पर है जबकि पानी का पीएचओ लेवल नौ से 10 पहुंच गया है, जो बेहद खतरनाक स्थिति में है।
टीम के ट्रेनर अशोक द्विवेदी और पंकज जायसवाल ने बताया कि सरकारी नलों का पानी ज्यादा दूषित है। यह पीने योग्य नहीं है। जल निगम के सुपरवाइजर नरेशपाल ने 14 नलों का पानी जांच को लैब भेजा है।
विज्ञापन

-
दूषित पानी के नलों पर लगाए लाल निशान
बुधवार को गांव पहुंची टीम ने जिन नलों में दूषित पानी निकल रहा है, उन पर लाल निशान लगा दिए। ग्रामीणों को बताया गया कि इन नलों का पानी न पिएं। इन नलों का दोबारा बोरिंग कराया जाएगा। ग्रामीण पानी को उबालकर पिएं। इसके बाद बीस लीटर पानी में क्लोरीन की एक गोली डाल लें। उसके बाद ही पानी को पिएं।
-
जिला भेजे मरीज वापस
मंगलवार को जांच में आठ मरीज पीलिया के निकले थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उन्हें जिला अस्पताल जाने को कहा था। इस पर मरीज बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन सभी को लौटा दिया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि उनका इलाज शुक्रवार और मंगलवार को होगा। इसलिए वह मंगलवार और शुक्रवार को ही अस्पताल आएं।
-
गांव पहुंची सफाई कर्मियों की टीम, कराई साफ सफाई
वजीरगंज। नवाबपुरा गांव में पीलिया फैलने की खबर से तहसील प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा ने बुधवार को बीडीओ स्मृति सिंह को गांव में साफ सफाई व्यवस्था को लेकर निर्देशित किया। इस पर बीडीओ ने सचिव राजेश कुमार और सफाई कर्मचारियों की टीम को गांव भेजा। गांव में सड़कों पर भारी गंदगी पड़ी थी। नालियां चोक थीं। सफाई कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सफाई की। बताते हैं कि गांव में सफाई कर्मचारी दयाशंकर और विनोद तैनात हैं, लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक वह डेढ़ साल से गांव नहीं पहुंचे। बुधवार को गांव में सफाई हो सकी।
-
नवाबपुरा में मंगलवार को टीम भेजी गई थी। ग्रामीणों की जांच कराई गई। जो मरीज निकले हैं, उनका उपचार जिला अस्पताल में होगा। बाकी ग्रामीणों को खुद ही सजगता से काम लेना होगा। वे पानी को उबालकर और क्लोरीन की गोलियां डालकर पिएं।
- डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
-
बुधवार को टीम गांव भेजी गई थी। गांव के सभी सरकारी और कुछ निजी नलों के सैंपल लेकर जांच कराई गई है। कुछ नलों का पानी दूषित निकला है। उनका रीबोर कराया जाएगा। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे ऐसे पानी न पिएं। वह उबालकर और क्लोरीन की गोलियां डालकर पानी पिएं।
विज्ञापन

- मनीश गंगवार, सहायक अभियंता, जल निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें