बदायूं। अगर आपको गुस्सा ज्यादा आने लगा है तो गर्मी का मौसम समझकर अनदेखा न करें। यह हाई ब्लड प्रेशर का लक्षण भी हो सकता है। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि गुस्सा आने का कारण हाई बीपी ही हो, लेकिन इसे नजरअंदाज करना गलत है। यह कहना है डॉक्टरों का, कि यदि बिना किसी वजह के गुस्सा या चिड़चिड़ापन होने लगा है तो बीपी जरूर चेक करा लेना चाहिए, नहीं तो यह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है।
उच्च रक्तचाप आज के समय में एक कॉमन बीमारी बन गई है। दुनिया का हर पांचवा व्यक्ति इसका शिकार है। लोगों में हाइपरटेंशन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जाता है। दरअसल आज बिगड़ती जीवनशैली, अनियमित खानपान, व्यायाम के प्रति उदासीनता आदि ऐसे बहुत से कारण हैं जो हाई बीपी का कारण बनते हैं।
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सुरेश चंद्र नौगरिया बताते हैं कि बीपी दो प्रकार के होते हैं। पहला वह जिसके लक्षण रोगी में दिख जाते हैं और दूसरा वह जिसके लक्षण सामने नहीं दिखाई देते। थकान, सिरदर्द, अनिद्रा, गुस्सा आदि इस बीमारी के लक्षण हैं। वह बताते हैं कि हाई बीपी शरीर के किसी भी अंग पर दुष्प्रभाव डाल सकता है। गुर्दा, आंख की रोशनी, दिल आदि अंग भी इससे प्रभावित होते हैं। ये रोगी को लकवे का शिकार भी बना सकता है।
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ऐसे नियंत्रित रखें ब्लडप्रेशर
- कम मात्रा में नमक खाएं।
- पोटेशियम की मात्रा बढ़ाई जानी चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के लिए पोटेशियम एक आवश्यक पोषक तत्व है।
- रोजाना व्यायाम करें और धूम्रपान व मद्यपान छोड़ें
- संतृप्त वसा, कोलेस्ट्रॉल और ट्रांसफैट वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। साबुत अनाज का सेवन अधिक करना चाहिए।
- मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, रेड मीट का सेवन कम से कम करें।
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ये भी हैं उपाय
- आयुर्वेद के जानकारों के अनुसार मेंथीदाना पाउडर सुबह-शाृ़म पानी के साथ लेने पर बीपी कंट्रोल होता है। अनार और टमाटर का जूस पीने से भी बीपी नियंत्रित होता है। चुकंदर और मूली को छीलकर इसका जूस बनाकर पियें। इससे बीपी नियंत्रण में रहता है। करेला और सहजन की सब्जी इसमें रामवाण का काम करती है।
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हर व्यक्ति को नमक का प्रयोग कम करना चाहिए। प्रतिदिन तीन से पांच ग्राम तक नमक लिया जा सकता है। दरअसल लोग समझते हैं कि केवल खाने में ही नमक होता है लेकिन ऐसा नहीं है। हम दिन भर में जो भी चीज खाते हैं उनमें शामिल नमक भी इस मात्रा में शामिल है। इसके अलावा हर व्यक्ति को नियमित चेकअप जरूर कराते रहना चाहिए। लिपिड प्रोफाइल का चेकअप भी जरूरी है। इसके साथ ही अनियमित खानपान से बचना चाहिए।
-डॉ. सुरेश चंद्र नौगरिया, वरिष्ठ फिजीशियन