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अगले महीने जिला अस्पताल में शुरू हो जाएगी ब्लड कंपोनेंट यूनिट

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जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के पास बना कंपोनेंट यूनिट का नया भवन। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिला अस्पताल में अगले महीने ब्लड कंपोनेंट यूनिट शुरू हो जाएगी। यूनिट के लिए भवन बनकर तैयार हो गया है। बरेली से आई तकनीकी टीम ने भवन का निरीक्षण कर लिया है, जिसकी रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग को भेज दी गई है। अब सिर्फ उपकरणों व अन्य संसाधनों का इंतजार है। इसके लिए जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से शासन को पत्र लिखा गया है।
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जिला अस्पताल में ब्लड कंपानेंट यूनिट के लिए 2021 में स्वीकृति मिलने के बाद मार्च 22 में यूनिट की स्थापना के लिए भवन का निर्माण शुरू करा दिया गया था। भवन निर्माण पूरा होने के बाद अब शासन स्तर से उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए जाने का इंतजार है। कंपोनेंट यूनिट शुरू होने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले जरूरतमंद रोगियों को खून के अलग-अलग तत्व अस्पताल के ब्लड बैंक से ही उपलब्ध हो सकेंगे। निजी ब्लड बैंक या अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी होगी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के साथ जिला और जिला महिला अस्पताल में प्रतिदिन 50 से ज्यादा ऐसे रोगी आते हैं. जिन्हें रेड ब्लड सेल्स (आरबीसी), प्लाज्मा, व्हाइट ब्लड सेल्स (डब्ल्यूबीसी) और प्लेट्लेट्स की जरूरत होती है। कंपोनेंट यूनिट न होने के कारण खून के अलग-अलग तत्व रोगियों को उपलब्ध नहीं हो पाते। जिला अस्पताल में ब्लड कंपानेंट यूनिट शुरू होने के बाद रक्त के चारो कंपोनेंट रोगियों को अलग-अलग मिल सकेंगे।
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इनसेट
प्रसूताओं को सबसे ज्यादा होती है रक्त की जरूरत
प्रसूताओं को रक्त की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के आंकड़ों की बात करें तो यहां से प्रतिदिन जारी की जाने वाली रक्त की यूनिटों में 80 फीसदी से ज्यादा प्रसूता महिलाओं के लिए दी जाती हैं। इनमें 70 प्रतिशत से ज्यादा गंभीर एनिमिक होती हैं। इसके अलावा 20 प्रतिशत रक्त गंभीर घायलों, एनीमिया, डेंगू समेत अन्य मामलों में जाता है। अब तक कंपोनेंट यूनिट न होने के कारण जरूरतमंदों को जरूरी तत्व नहीं मिल पाते थे, बल्कि पूरा रक्त ही देना पड़ता है। इसमें चारों तत्व होते हैं।
इनसेट
दो निजी ब्लड बैंक चालू होने के बाद अस्पताल के ब्लड बैंक में मांग घटी
अब तक जिले में सिर्फ एक जिला अस्पताल का ब्लड बैंक था। पिछले महीनों राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी ब्लड बैंक चालू हो गया। इसके साथ ही शहर में दो निजी ब्लड बैंक भी शुरू हो गए हैं। इसके बाद शहर के निजी अस्पतालों की ओर से जिला अस्पताल में आने वाली रक्त की मांग कम हो गई है। निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं लेने वाले अब खून की जरूरत होने पर निजी ब्लड बैंक की सेवाएं लेने लगें हैं। दोनों निजी ब्लड बैंक में कंपोनेंट यूनिट भी हैं। अब तक जिले में सरकारी कंपोनेंट यूनिट नहीं है।
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फोटो- 18
- ब्लड कंपोनेंट यूनिट की स्थापना के लिए भवन बनकर तैयार हो चुका है। पिछले दिनों तकनीकी मुआयना भी हो गया है। यूनिट शुरू करने के लिए अब शासन स्तर से उपकरणों समेत अन्य संसाधनों का इंतजार है। इसके लिए शासन स्तर को लिखा गया है। ब्लड कंपोनेंट यूनिट जल्द चालू हो जाएगी।
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-डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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