उसहैत। गंगा के घटते-बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों को पहले ही परेशान कर रखा था। वहीं, अब गांव में तरह तरह की बीमारियों ने भी पैर पसारना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार बच्चों की त्वचा पर फफोले जैसे बड़े बडे़े दाने पड़ने लगे हैं। उन्हें बुखार भी आ रहा है। गांव में बच्चों समेत करीब एक दर्जन लोग बीमारी की चपेट में है।
उसहैत क्षेत्र के जटा, प्रेमी नगला, ठाकुरी नगला, जसंवत नगला आदि गांव अभी टापू बने हुए है। इससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। गांव में आसपास की पूरी जमीन पानी से डूब चुकी है। वहीं, कई दिनों से जटा गांव में भी पानी भर गया है। इससे गांव में नरकीय स्थिति बनी हुई है। ऐसे में गांव में बीमारी ने अपने पैर पसरने शुुरू कर दिए है। बच्चों सहित एक दर्जन से अधिक लोग संक्रामक बीमारियों का शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार नरवीर (36), आमान (4), एजूब (25), सोनू (8), राज मोहम्मद(10), इकरार हुसैन (27), नजमा(4), आसीन (62), जहांबानो (10) साल समेत करीब एक दर्जन लोगों को बुखार आ रहा है। साथ ही बच्चों के शरीर पर दाने पड़ना शुरू हो गए हैं। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से यहां अब तक कोई टीम नहीं भेजी गई है। ग्रामीण खुद नाव से उसहैत जाकर डाक्टरों को मरीज दिखा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर इस क्षेत्र और यहां के ग्रामीणों की उपेक्षा का आरोप भी लगाया है।