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सीएमओ साहब!..बुखार से तीन और मौत, नहीं पहुंची टीम

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बदायूं। उझानी ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम मानकपुर और देवरमई पूर्वी की तरह सखानू में भी बुखार फैला हुआ है। यहां एक के बाद एक व्यक्ति को बुखार चपेट में ले रहा है। अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग बुखार को हल्के में ले रहा है। सोमवार को भी बुखार से एक मासूम की मौत हो गई। उसे तीन दिन पहले बुखार आया था। परिवार वाले उसे इलाज के लिए ले जा रहे थे कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। वहीं फैजगंज बेहटा और दातागंज क्षेत्र में दो लोगों की बुखार ने जान ले ली।
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अलापुर। जगत ब्लॉक क्षेत्र के कस्बा सखानू में करीब एक माह से बुखार फैला है। तब से लेकर अब तक कस्बे के कई लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। इनमें अधिकतर लोगों में प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत रही। दर्जनों लोग आसपास के अस्पतालों में भर्ती रहे। तो वहीं कई लोग बरेली में भर्ती रहे। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम सिर्फ एक बार कस्बे में आई और दवा देकर चली गई। दोबारा किसी चिकित्सक ने आने की जहमत नहीं उठाई। परिणाम ये रहा कि बुखार लगातार लोगों को अपनी चपेट में लेता गया, जिससे अब तक चार लोगों की मौत हो गई। इधर, सोमवार को नजरुल अंसारी की मासूम बेटी जन्नत की बुखार से मौत हो गई। उसे तीन दिन पहले बुखार आया था। परिवार वाले स्थानीय चिकित्सक से उसका इलाज करा रहे थे। मासूम की मौत से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। कस्बे में कई लोग इस समय बुखार से जूझ रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।
दातागंज। हजरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चंगासी निवासी भंवरपाल (35) रविवार शाम अपनी धान की फसल उठवा रहे थे तभी उन्हें बुखार आया। इससे भंवरपाल खेत से लौट आए और उन्होंने किसी डॉक्टर से दवा ली। फिर घर जाकर लेट गए और उनकी वहीं मौत हो गई। बाद में परिवार वालों को इसकी जानकारी हुई तो उनके घर में कोहराम मच गया। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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ओरछी। आसफपुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम बझेड़ा नूतन निवासी वेदप्रकाश (35) पुत्र सुरेश को चार दिन पहले बुखार आया था। परिवार वाले उसका स्थानीय चिकित्सक से इलाज करा रहे थे। रविवार रात उसकी ज्यादा हालत बिगड़ गई। इस पर परिवार वाले उसे मुरादाबाद ले जा रहे थे, जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई। इससे युवक के परिवार में कोहराम मच गया है। परिवार वालों के मुताबिक उसको डेंगू था

बुखार से मानकपुर में एक और युवक की हालत बिगड़ी
उझानी (बदायूं)। मानकपुर में बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं रहा है। तीन दिन पहले से बुखार की चपेट में आए मां- बेटे में महिला की हालत में तो सुधार हो गया, लेकिन उसके बेटे की हालत बिगड़ती चली गई। वह सोमवार को बेटे को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची। डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
मानकपुर निवासी अरीज खान (23) पुत्र आफाक को सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया गया। उसे तेज बुखार था। चिकित्साधिकारी निंरजन सिंह ने उसका प्राथमिक उपचार किया। सेहत में कोई खास सुधार नहीं होने पर अरीज को राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। आफाक ने बताया कि अरीज और उसकी मां को तीन दिन पहले बुखार आया था। दोनों को गांव में ही लगे स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टरों ने दवा दी, लेकिन अरीज की सेहत बिगड़ती चली गई। उसकी मां ठीक है। आफाक ने बताया कि मानकपुर में रविवार को भी पांच-छह मरीजों को निजी क्लीनिकों पर भर्ती कराया गया है। बता दें कि मानकपुर में बुखार से महिला समेत पांच लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार की चपेट में आए कई महिला-पुरुषों का बदायूं और बरेली में भी इलाज चल रहा है।

डॉक्टरों का हल्के में लेना ग्रामीणों को पड़ा महंगा
उझानी। मानकपुर और देवरमई पूर्वी में बुखार का प्रकोप पिछले महीने से ही दिखाना शुरू हो गया था। शुरू में दोनों गांवों के कुछ मरीज अस्पताल पहुंचे तो उन्हें दवाएं देकर घर भेजा जाता रहा। देवरमई में विद्याराम और मानकपुर में महिला समेत पांच लोगों की बुखार की वजह से मौत हुई तो सेहत महकमा के अफसर भी हरकत में आ गए। मानकपुर के अमीर अहमद ने बताया कि डॉक्टर अगर शुरू में ही मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराते तो महिला समेत पांच लोगों को जान से हाथ नहीं धोना पड़ता।

बेकाबू बुखार से बचाने को यज्ञ का आयोजन
खुटार (शाहजहांपुर)। ग्राम नरौठा देवीदास में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस पर काबू पाने में अब तक असफल रहे स्वास्थ्य विभाग से ग्रामीणों का भरोसा उठा चुका है। इसके चलते बीमारी से बचने को गांव के लोग ग्राम देवता को मनाने में लगे हैं। इसके लिए ग्रामीणों ने सोमवार को सामूहिक रूप से यज्ञ भी आयोजित किया।
गांव नरौठा देवीदास में 15 दिन में बुखार से सात लोगों की जान जा चुकी है। प्रधान और गांव के लोगों ने बुखार से मौतों की जानकारी खुटार पीएचसी पर दी थी, लेकिन इसके बाद भी पीएचसी प्रभारी ने खुद गांव जाकर रोगियों की जांच करवाने की जरूरत नहीं समझी। अमर उजाला ने तीन नवंबर के अंक में मामले को प्रमुखता से उठाया तो सीएमओ डॉ. आरपी रावत ने पीएचसी प्रभारी की कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद खुटार अस्पताल से पहुंची टीम ने गांव जाकर लोगों का उपचार शुरू किया था। जिला मुख्यालय से भी संचारी रोग

नियंत्रण टीक गांव पहुंची थी।
सीएमओ और डिप्टी सीएमओ भी दोपहर बाद गांव पहुंचे थे और गांव के लोगों को साफ सफाई रखने को कहा था। रविवार को गांव में 176 लोगों को बुखार से बचाव की दवा वितरित की गई थी। उधर गांव के लोगों ने बुखार से मुक्ति के लिए सोमवार को गांव में सामूहिक रूप से यज्ञ का आयोजन किया और ग्राम देवता से रोगमुक्त गांव करने के साथ ही गांव की सुख और समृद्धि की कामना की।

नेत्र परीक्षण अधिकारी कर रहे बुखार का इलाज
खुटार। सोमवार को नरौठा में नेत्र परीक्षण अधिकारी और एएनएम को बुखार के रोगियों की जांच करने और दवा वितरण करने के लिए भेज दिया गया। इससे गांव के लोगों में रोष है और उन्होंने डीएम से कार्रवाई की मांग की है।
गांव नरौठा देवीदास में बुखार से मौतों की जानकारी के बाद गांव पहुंचे सीएमओ ने पीएचसी प्रभारी को गांव में तीन दिन स्वास्थ्य शिविर लगवाकर दवा वितरित कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन रविवार को दवा वितरण के बाद सोमवार को सीएमओ के निर्देश की न सिर्फ धज्जियां उड़ाई गईं, बल्कि रोगियों की जान से भी खिलवाड़ करते हुए नेत्र परीक्षण अधिकारी को बुखार के रोगियों को देखने और दवा वितरित करने के लिए भेज दिया गया।
सोमवार को नेत्र परीक्षण अधिकारी देवेंद्र सिंह, स्कूलों में बच्चों का परीक्षण करने वाली टीम के सदस्य धीरेंद्र शुक्ला, एएनएम प्रियंका मिश्रा ने गांव नरौठा देवीदास के प्राथमिक स्कूल में हेल्थ कैंप लगाया। टीम के सदस्यों ने 22 रोगियों को देखा और दवा भी वितरित की। इससे गांव के लोगों में रोष देखा गया।
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मैं जिला मुख्यालय पर डीएम की मीटिंग में गया था। इस कारण टीम को गांव भेजा गया था। गांव में बुखार के सामान्य रोगी मिले हैं।
डॉ. संजीव कुमार, प्रभारी सरकारी अस्पताल खुटार
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