बदायूं/ सिलहरी। आयशा नर्सिंग होम पर शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी ने छापा मारा। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, आईपीडी और अन्य कक्षों समेत अभिलेखों को चेक किया। जिस डॉक्टर के नाम से रजिस्ट्रेशन था, वह नदारद मिलीं, दूसरी डॉक्टर कार्य कर रहीं थीं। साथ ही अस्पताल में तमाम और कमियां भी मिलीं। अभिलेखों में भी ओवरराइटिंग थी। ऐसे में सिटी मजिस्ट्रेट ने अभिलेख जब्त कर लिए।
शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी ने एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ सिटी विनय कुमार द्विवेदी के साथ नवादा स्थित आयशा नर्सिंग होम पर छापा मारा। इस दौरान उन्होंने अभिलेखों को चेक किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि नर्सिंग होम डॉ. वर्षा गंगवार के नाम पर संचालित है, पर निरीक्षण के दौरान वहां पर नह नहीं मिलीं, बल्कि दूसरी डॉक्टर काम कर रहीं थीं। उन्होंने खुद को बीएएमएस बताया, कागज मांगे तो वह नहीं दिखा सकीं। वहीं आईपीडी और ओपीडी के पर्चे पर डॉ. वर्षा गंगवार का नाम था, लेकिन जो दवाएं लिखी जा रहीं थी, उन पर्चों पर डॉ. वर्षा गंगवार के हस्ताक्षर नहीं थे। सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक जो स्टाफ नर्स वहां पर रजिस्टर्ड हैं, वह भी वहां से नदारद थीं। उन्होंने जब नर्सिंग होम के अभिलेखों की गहनता से जांच की तो पाया कि नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन 31 मार्च 2019 तक था, साथ ही उनमें ओवरराइटिंग भी मिली। ऐसे में उन्होंने सभी अभिलेख जब्त कर लिए।
यहां पर जिस डॉक्टर के नाम से आयशा नर्सिंग होम संचालित है, वह डॉक्टर वहां नहीं बैठती हैं। इस संबंध में शिकायत मिली थी, जिस पर जब छापा मारा, तो बात सही मिली। अभिलेखों की जांच में पता चला कि रजिस्ट्रेशन 31 मार्च 2019 तक का ही था, अभिलेखों में छेड़छाड़ भी की गई थी। ऐसे में नोटिस देने की तैयार की जा रही है। इसके बाद नर्सिंग होम को सील किया जाएगा।
-केके अवस्थी, सिटी मजिस्ट्रेट
पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची थी, उन्हें नर्सिंग होम देखा। उन्होंने जो अभिलेख मांगे, उन्हें दिखाए गए। आगे जो भी अभिलेख मांगे जाएंगे, वह भी दिए जाएंगे। नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन है।
-स्वाले चौधरी, संचालक, आयशा नर्सिंग होम