उझानी (बदायूं)। मानकपुर गांव में बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार रात गांव के दो लोगों की मौत हो गई। इनमें एक ने इलाज के दौरान दिल्ली में दम तोड़ दिया तो दूसरे का घर पर ही इलाज चल रहा था। एक ही रात में दो मौत से अफरातफरी मच गई। मृतकों के परिजन के अनुसार, निजी चिकित्सक ने दोनों में डेंगू के लक्षण बताए थे।
मानकपुर गांव में अब तक करीब डेढ़ सौ बुखार पीड़ित महिला, पुरुष और बच्चों के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें अधिकतर की हालत में इलाज के बाद सुधार हो गया लेकिन जो लोग बुखार की चपेट में हैं, उनमें मोहम्मद सलम खां (60) को तीन दिन पहले घरवालों ने दिल्ली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। पांच दिन पहले सलम को बुखार आया था। परिवार वालों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी उसका उपचार कराया था। मंगलवार रात सलम ने दम तोड़ दिया। मृतक के छोटे बेटे आसिफ ने बताया कि उसके पिता को डॉक्टरों ने डेंगू बताया था। इसके अलावा मंगलवार रात में ही कल्लू उर्फ मुल्ला जी (50) की घर पर मौत हो गई। कल्लू नगर के ही एक निजी चिकित्सक के क्लीनिक पर इलाज चल रहा था। क्षेत्र पंचायत सदस्य शवाब आलम ने बताया कि कल्लू को जब निजी चिकित्सक को दिखाया गया तो डेंगू बताया गया था। बता दें कि गांव के खालिद और महिला फरमूदी की पिछले दिनों बुखार से मौत हो चुकी है। देवरमई पूर्वी के प्रधान अहिबरन सिंह भतीजे विद्यारामा की भी बुखार ने ही जान ले ली थी।
मानकपुर में बुखार से चार की हालत बिगड़ी
मानकपुर निवासी आमिल के बेटियों में मिसाह (19) और यूनिशा (17) और फखरूद्दी की पुत्री मुस्कान (16) मंतशा (15) समेत छह लोगों को बुधवार को सीएचसी पर लाया गया। इनमें मिसाह, यूनिशा, मुस्कान और मंतषा का प्राथमिक उपचार के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक लोगों का घरों पर ही इलाज चल रहा है।
मानकपुर में दो बार कैंप लगवाया जा चुका है। यदि किसी को फिर भी बुखार है तो जिला अस्पताल में आना चाहिए। फिलहाल दो लोगों की मौत की जानकारी नहीं मिली है। पता कराकर गांव में फिर टीम भेजेंगे।
-डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ