बदायूं। एक मारपीट के मामले में चोट लगने पर जिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्स ने सीटी स्कैन नहीं होने दिया। तीमारदारों का आरोप है कि नर्स एक आरोपी की भाभी है, जिससे जांच प्रभावित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पैनल गठित कर कार्रवाई की मांग की है।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव परसिया निवासी निर्दोष कुमार पुत्र रामऔतार का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनके परिवार पर हमला बोल दिया था। लाठी-डंडे मारकर कई लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस बारे में बिसौली में रिपोर्ट दर्ज है। मारपीट में उसके चाचा मनोज शर्मा को गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया था लेकिन यहां जानबूझकर उनका डिजिटल एक्स-रे और सीटी स्कैन नहीं किया गया। जब उन्होंने मनोज का प्राइवेट सेंटर पर जाकर सीटी स्कैन कराया तो उनके सिर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई। आरोप है कि मारपीट करने वालों में एक आरोपी की भाभी जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स है। उसने डॉक्टर की मदद से मनोज का सीटी स्कैन नहीं होने दिया। उन्हें रेफर कर दिया गया। उन्हें किसी अस्पताल ने भर्ती नहीं किया तो वह दोबारा जिला अस्पताल ले गए। उन्होंने एक डॉक्टर और स्टाफ नर्स के खिलाफ मुख्यमंत्री से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।