उझानी (बदायूं)। नगर से सटे मानकपुर गांव में बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा होने लगा है। रविवार को आठ नये मरीज सामने आ गए। घरवालों ने हालांकि उन्हें निजी क्लीनिकों पर भर्ती कराया है, लेकिन चार-छह दिन पहले बुखार की चपेट में आए मरीजों की संख्या में फिलहाल कोई खास सुधार नहीं है। इस बीच, तीन मरीजों को डेंगू होने के शक में बरेली रेफर कर दिया गया है।
बुखार के चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या रविवार को 18 हो गई। इससे पहले भी कुछ बच्चों समेत आठ लोग बुखार की चपेट में आगए चुके हैं। मरीजों में संतोष पुत्र राजेंद्र सिंह, विशाल पुत्र विजेंद्र, राजवती पत्नी ख्योराज, नत्थो पत्नी सेवाराम, मुशाहिद पुत्र मैसूर खां, अजय पुत्र पातीराम, पप्पी पुत्री मेहरुल हसन का निजी क्लीनिकों पर इलाज चल रहा है। बुखार से पीड़ित युवकों समेत महिलाओं के घरवालों का कहना है कि शुरूआत में इसकी शिकायत उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी की थी। इसके बाद शनिवार को आयुष चिकित्सक प्रभाकर मिश्रा की अगुवाई में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम गांव में भी पहुंची, लेकिन ज्यादातर मरीज तो पहले से ही निजी क्लीनिकों और अस्पताल में भर्ती हैं। मरीजों में हसनिगार पत्नी लाडले खां, नाजरीन पत्नी अलीम, शल्लू पुत्र अहमद और तैय्यब अली के परिवार के तीन सदस्य भी बुखार की चपेट में हैं। दो मरीजों को उनके परिजनों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। इसके अलावा फरहान पुत्र रईस अहमद, रईस मोहम्मद पुत्र बहीद खां और तराना पत्नी रईस मोइम्मद को डेंगू होने के शक में बरेली रेफर किया जा चुका है।
उझानी। मानकपुर के गलियारों में पिछले कई दिनों से गंदगी का प्रकोप बढ़ा है। खासकर तालाब के आसपास इलाके में तो मच्छरों की भरमार है। नालियों में भी गंदगी होने से कीचड़ पर मच्छर पैदा हो रहे हैं। इधर, क्षेत्र पंचायत सदस्य शवाब आलम ने बताया कि जिस दिन से बुखार के मरीज सामने आए हैं, उस दिन से उन्होंने चिकित्साधीक्षक को फोन पर अवगत करा दिया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मानकपुर में इसकी सूचना शुक्रवार को मिली थी। अगले दिन ही स्वास्थ्य कैंप भी लगवाया गया था, लेकिन आठ-नौ मरीज ही मिले। एक निजी चिकित्सक से बात की तो पता लगा कि तीन मरीजों को डेंगू होने के शक में उन्हीं के द्वारा बरेली भेजा गया है। गांव में फिर से टीम पहुंचेगी।
- सुयश दीक्षित, प्रभारी चिकित्साधीक्षक।