बदायूं। जिले में फैले बुखार पर छानबीन करने के लिए गुरुवार को केंद्र सरकार की एक टीम जिला अस्पताल पहुंची। टीम में शामिल एडिशनल डायरेक्टर डॉ. सुमन विट्टन ने मलेरिया वार्ड पहुंचकर एक-एक मरीज की बीएचटी (बेड हेड टिकिट) चेक की। मरीजों से जानकारी जुटाई कि उन्हें कब से बुखार आ रहा है और क्या दवा ले रहे हैं। इस दौरान अस्पताल स्टाफ की लापरवाही सामने आई। मरीजों को दवा खाने के बारे में बहुत कम जानकारी दी जा रही थी।
गुरुवार दोपहर जिला अस्पताल पहुंचीं एडिशनल डायरेक्टर डॉ. सुमन विट्टन ने सबसे पहले मलेरिया वार्ड को चेक किया। उन्होंने एक-एक मरीज से बुखार और दवा खाने के बारे में जानकारी ली। साथ ही साथ उनकी बीएचटी चेक करते हुए उनका इलाज कैसे हो रहा है और उन्हें क्या-क्या दवा दी जा रही है इसके बारे में पता किया। उन्होंने मरीजों के ब्लड टेस्ट और उनकी रिपोर्ट के बारे में गहनता से छानबीन की। इस दौरान पता चला कि जिन मरीजों के ब्लड टेस्ट होते हैं, उन्हें रिपोर्ट दूसरे दिन मिलती है। तब कहीं रिपोर्ट के आधार पर उनका इलाज शुरू होता है। तब तक मरीज की हालत भी बिगड़ जाती है। इस पर डॉ. सुमन ने नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मरीज को ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट उसी दिन मिल जानी चाहिए। इससे कम से कम गंभीर मरीजों का इलाज तुरंत शुरू हो सकेगा। उन्होंने मलेरिया अधिकारी से जानकारी जुटाई कि ग्रामीण क्षेत्र में किस तरह फॉगिंग और छिड़काव कराया जा रहा है। इस पर उन्होंने बताया कि जिले में 1030 ग्राम पंचायतें हैं। 830 ग्राम पंचायतों में छिड़काव मशीनें खरीद ली गई हैं। इस दौरान सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. अखिलेश्वर सिंह, प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह, एसीएमओ डॉ. अनिल शर्मा मौजूद रहे।