बदायूं। ग्रामीण इलाके में बुखार रोकने का दावा करने वाले स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोई भी डॉक्टर देहात क्षेत्र में बुखार पीड़ितों का इलाज करने नहीं पहुंच रहा है, जबकि लगातार बुखार पीड़ित वाले गांव की संख्या बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों के स्थान पर दो फार्मासिस्ट लगाए गए हैं, जो चिह्नित गांव में जाकर लोगों का इलाज कर रहे हैं।
दातागंज और समरेर ब्लॉक क्षेत्र के भटौली, वसेला, पापड़, गंडहा, मानिकापुर कौर आदि समेत कई गांव में बुखार पनपना शुरू हो गया है। इन गांव में करीब 50 से 100 लोग बुखार से ग्रस्त चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इन गांवों में रोजाना टीमें जा रहीं हैं और मरीजों को दवा भी दी जा रही है लेकिन उन टीमों में कोई डॉक्टर नहीं लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी नाकामी छिपाने के लिए रोजाना फार्मासिस्टों को क्षेत्र में भेज रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए विभाग द्वारा डॉ. अवधेश सिंह राठौर और डॉ. मंदीप गुप्ता को लगाया गया था। दोनों डॉक्टर कुछ दिन तो क्षेत्र में गए लेकिन उसके बाद जाना ही बंद कर दिया।
संवेदनशील घोषित हैं दातागंज-समरेर ब्लॉक
-पिछले साल बुखार की शुरूआत दातागंज और समरेर ब्लॉक क्षेत्र से हुई थी। तब दोनों ब्लॉकों को संवेदनशील घोषित कर दिया गया था। इस बार भी बुखार की शुरूआत इन्हीं ब्लॉक क्षेत्रों से हुई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अगर ऐसे ही लापरवाही होती रही तो क्षेत्रीय लोगों को इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
-जो डॉक्टर लगाए गए थे, उन्हें सीएमओ ने हटाया है। हमें डॉक्टर देंगे तो हम उन्हें लगा देंगे। अब जो हमारे पास हैं। हम उन्हीं से इलाज करा रहे हैं। आशा वर्कर को आदेश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने गांव में ट्रैकिंग करें, फिर विभाग को सूचना दें, जिससे टीम को मौके पर भेजा जा सके।
डॉ. अनिल शर्मा, एसीएमओ
बर्खिन गांव में बुखार से किशोरी की मौत
कुंवरगांव (बदायूं)। सालारपुर विकास खंड क्षेत्र के ग्राम बर्खिन में शनिवार को एक किशोरी की बुखार से मौत हो गई। इससे उसके परिवार में कोहराम मच गया। परिवार वाले उसे लेकर बरेली ले जा रहे थे।
ग्राम बर्खिन निवासी काजल (14) पुत्री मदन को शुक्रवार शाम बुखार आया था। इस पर परिवार वालों ने उसे एक प्राइवेट चिकित्सक से दवा दिला दी थी। कुछ समय के लिए बुखार उतर गया लेकिन शनिवार को उसे और तेज बुखार आ गया। इससे परिवार वाले किशोरी को देखकर घबरा गए। परिवार वाले हालत देखकर किशोरी को बरेली ले जा रहे थे कि रास्ते में काजल ने दम तोड़ दिया। उसके बाद परिवार वाले शव को वापस गांव ले गए और देर शाम उन्होंने गांव में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। किशोरी के भाई प्रवेश ने बताया कि गांव में साफ-सफाई नहीं होने से बीमारी फैल रही है। पिछले साल भी गांव में कई लोगों की मौत हो गई थी। सफाई कर्मचारी गांव में तैनात होते हुए भी नहीं आता, जिससे लोगों में रोष है।