बीएसए ने कहा कि दुनिया में भारतीय संस्कृति की तरह कुछ नहीं है। भारतीय संस्कृति का हर देश लोहा मानता है। तब हमारी यह जिम्मेदारी बन जाती है कि इस संस्कृति को खत्म न होने दें। इसके लिए जरूरी होता है सब के साथ प्रेमभाव से रहना। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे खंड शिक्षाधिकारी रमेश चंद्र जौहर ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को मिलजुकर रहना चाहिए।
तीज महोत्सव के दौरान महिला प्रशिक्षुओं ने बदला ऐसे जोरसे बरसा, बालम जाए न सके परदेश के साथ ही राष्ट्र प्रेम से संबंधित गीत देश रंगीला...रंगीला आदि की प्रस्तुत दी। कई लोकगीत भी प्रस्तुत किए। झूले भी डाले गए। उन पर बैठकर महिला प्रशिुक्षओं ने सावन से गीत गाए। हरियाली तीज कार्यक्रम में कल्पना दास गुप्ता, प्रियंका इगलासिया, सुरेंद्र सिंह, राकेश शर्मा, केशव सक्सेना, राजीव राठौर,अवनेश्वर सिंह, लाखन सिंह, राहुल राठौर, रीतेश सक्सेना, विनीता गुप्ता, अंजू शुक्ला, अमरीन खां, नेहा पांडेय, रुचि चौहान, तेज सिंह, अम्बुज रस्तोगी, एकता भारद्वाज, शिवांगी श्रीवास्तव, रुबीना आदि थे।