कुंवरगांव। बिहारी की गौटिया के मुकद्दम उर्फ बांकेलाल हत्याकांड में शुक्रवार दोपहर मुख्य हत्यारोपी हाकिम पकड़ा गया। वह 12 फरवरी से फरार था। 21 फरवरी को उसके तीन साथी पकड़े गए थे लेकिन हाकिम का कुछ पता नहीं चला था।
मुकद्दम उर्फ बांकेलाल की हत्या 12 फरवरी की रात उसके ट्यूबवेल के सामने कर दी गई थी। उसके परिवार वालों का कहना था कि मुकद्दम फसल की रखवाली करने गए थे। जब वह सुबह तक घर नहीं आए तो उनके परिवार के बच्चे खेत पर पहुंचे, जहां उनका शव पड़ा मिला था। इसमें मुकद्दम के भाई राजपाल ने अपने गांव के चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस की छानबीन में चारो आरोपी निर्दोष निकले।
इसमें मुख्य आरोपी गांव का हाकिम निकला था। उसने सुपारी देकर भैंसामई निवासी फाजिल, कैली निवासी पूजा और दुगरैया निवासी जाबिर से उसकी हत्या कराई थी। योजना के तहत पूजा ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसाया था और मिलने के बहाने उसे ट्यूबवेल पर बुलाया गया था। वहीं फाजिल और जाबिर ने पहुंचकर उसकी हत्या कर दी थी।
हाकिम बहुत शातिर है। उसके खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं। इंस्पेक्टर राजेेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि बांकेलाल का हत्यारोपी हाकिम शुक्रवार दोपहर दुगरैया शराब की दुकान के नजदीक देखा गया था। इसकी सूचना पर उन्होंने अपनी टीम के साथ घेराबंदी कर दी और उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा बरामद हुआ है। पुलिस ने दोपहर बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।