बदायूं। दिल्ली के फ़िल्मिस्तान इलाके में रानी झांसी रोड के पास अनाज मंडी में रविवार को हुए भीषण अग्निकांड में लगभग 45 लोगों की मौत के बाद यहां के लोगों को उस वाकये की याद ताजा हो गई जब रसूलपुर गांव में पटाखा फैक्ट्री में आग लगने के बाद आठ लोगों की मौत हो गई थी। उस वाकये को याद करके आज भी लोग सिहर उठते हैं। इस घटना के बाद ही प्रशासन ने सबक लेते हुए पटाखों की फुटकर बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए एक ही स्थान पर पटाखे बेचने के आदेश दिए थे।
शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव के पास एक पटाखा फैक्ट्री में अक्तूबर-18 में आग लगने के साथ हुए भीषण विस्फोट से आठ लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि पटाखा फैक्ट्री और उससे सटी दो दुकानों की इमारत पूरी तरह धराशायी हो गई थी। इस धमाके की वजह से फैक्ट्री के पास स्थित साइकिल की दुकान पर बैठे लोग, मजदूर और वहां से गुजर रहे लोग इसके चपेट में आ गए थे। मौका-ए-वारदात पर ही सात लोगों ने जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। रविवार को दिल्ली में हुए हादसे की खबर जैसे ही लोगों को पता चली तो उनके जेहन में रसूलपुर की घटना ताजा हो गई। लोगों का कहना था कि आग से बचाव के लिए पर्याप्त इंतजाम न होने तथा लापरवाही बरते जाने के कारण ही अक्सर ऐसी घटनाएं होती हैं।