रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने सोमवार को रामगंगा से बितरोई स्टेशन के बीच नव परिवर्तित ब्राडगेज का मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया। वहीं से निर्धारित प्लान में तब्दीली करते हुए कछला पुल का भी निरीक्षण कर लिया। भरी धूप में आठ ट्रॉलियों पर सीआरएस सहित अन्य अधिकारी भी साथ में रहे। उन्होंने समपार सहित रास्ते में पड़ने वाले पुलों को भी देखा। वहीं घटपुरी स्टेशन पर पहुंचने के दौरान फाटक बंद न किए जाने के कारण करीब पांच मिनट सीआरएस की मोटर ट्रॉली भी खड़ी रहीं, उन्होंने इस लापरवाही पर नाराजगी भी जताई।
तय तिथि व समय के अनुसार सीआरएस पूर्वोत्तर परिमंडल प्रभात कुमार बाजपेयी ने रामगंगा से सुबह 6.30 बजे से निरीक्षण शुरू किया। करीब एक बजे वह बदायूं स्टेशन पहुंचे। इससे पहले उन्होंने रास्ते में पड़ने वाले बमियाना, मकरंदपुर, घटपुरी स्टेशन का निरीक्षण किया। एक तरफ जहां संरक्षा से जुड़े हर पहलु पर बारीकी से देखा। वहीं रास्ते में पड़ने वाले सभी समपार, सब-वे, पुल को भी देखा। प्रत्येक स्टेशन पर पैनल, रिले को देखने के साथ ऑपरेटिंग मैन/स्टेशन मास्टर से सवाल भी किए। घटपुरी पर पहुंचने से पहले स्टेशन मास्टर की ओर से समपार बंद न करने के कारण करीब पांच मिनट तक सीआरएस की मोटर ट्रॉली खड़ी रहीं। बाद में जब फाटक बंद हुआ तो पार किया। उन्होंने स्थलीय निरीक्षण करने के दौरान नाराजगी भी जताई। इसके बाद करीब बदायूं स्टेशन पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले पैनल रूम में जाकर देखा। सवालों के दौरान फोकस संरक्षा पर रहा। सवालों में प्वाइंट फेल होने की स्थिति में ट्रेन को गुजारने के बारे में भी जानकारी जानी। साथ में चल रहे अन्य अधिकारियों ने स्टेशन पर गैप को देखा। लाइन और प्लेटफार्म के बीच के अलावा ट्रैक से ऊंचाई आदि को भी नापा। पता लगाया कि मानक के अनुरूप वर्क है या नहीं। इसके अलावा पटरी के बीच पड़े पत्थर को देखा। करीब ढाई घंटे बदायूं रुकने के बाद वह मोटर ट्राली से उझानी की ओर निरीक्षण को रवाना हो गए। बितरोई के बाद निर्धारित प्लान में तब्दीली करते हुए कछला पुल का भी निरीक्षण किया।
सीआरएस प्रभात कुमार बाजपेयी ने पुल का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) ओंकार सिंह, मुख्य इंजीनियर निर्माण राम जनम, मुख्य संरक्षा अधिकारी एनके अंबिकेश, मुख्य प्लानिंग एवं डिजाइन इंजीनियर एसके मिश्रा, मंडल रेल प्रबंधक इज्जतनगर चंद्र मोहन जिंदल, उप मुख्य इंजीनियर(निर्माण) राजीव अग्रवाल, उप मुख्य सिग्नल एवं दूर संचार इंजीनियर मुकुल अग्रवाल सहित निर्माण संगठन के अधिकारी मंडल के शाखाधिकारी मुकुल अग्रवाल, मंडल के शाखाधिकारी निरीक्षण के दौरान साथ रहेे। आठ मोटर ट्रॉलियां साथ में चलीं। इसके बाद कछला से स्पेशन ट्रेन द्वारा वापस बरेली की ओर आ गए। सीआरएस दो जून को बितरोई से कासगंज के बीच निरीक्षण करेंगे। इसके बाद शाम को स्पीड ट्रायल होगा।
उझानी स्टेशन पर आंधी ने लगाया इंस्पेक्शन पर ब्रेक
उझानी(बदायूं)। बरेली से कासगंज तक तैयार नई ब्राडगेज लाइन के सीआरएस निरीक्षण को निकली अफसरों की टीम को मौसम की मार भी झेलनी पड़ गई। निरीक्षण के दौरान की आंधी की वजह से अफसरों समेत इंजीनियरों को प्लेटफार्म पर एक घंटा के लिए ब्रेक लेना पड़ गया।
पूर्वोत्तर परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त प्रभात कुमार बाजपेयी की अगुवाई में इंजीनियरों की टीम यहां स्टेशन पर पहुंचकर बारीकी से व्यवस्थाएं और सिस्टम समेत नई लाइन को परखने के बाद जैसे ही बितरोई की ओर चलने को तैयार हुई तभी तेज आंधी के साथ ही धूल के गुबार उठने लगे। उस वक्त अफसरों के टीम के सभी अफसर मोटर ट्रॉलियों पर सवार हो चुके थे। धूल के गुबार के बीच ही रेल संरक्षा आयुक्त वाजपेयी ट्रॉली से उतर कर वेटिंग रूम में चले गए। करीब एक घंटा तक ट्रॉलियों के ब्रेक लगे रहे। यहां तक कि अफसरों के जलपान का जायका भी किरकिरा हो गया।
सबकुछ बारीकी से देखा पर नहीं पड़ी नल पर नजर
उझानी। रेल संरक्षा आयुक्त प्रभात कुमार बाजपेयी के साथ पहुंची अफसरों की टीम ने स्टेशन परिसर में हर तरफ बारीकी से देखा। यहां तक कि जेनरेटर को भी चेक कर लिया गया। प्लेटफार्म से बाहर परिसर में झांक कर भी देखा। परिसर में खराब पड़े नल पर भी उनकी नजर नहीं पड़ पाई।
प्लीज, पीछे डीआरएम हैं, उन्हें दें ज्ञापन
उझानी। पूर्वोत्तर परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त प्रभात कुमार बाजपेयी की मोटर ट्रॉली सबसे आगे थी। ट्रॉली जैसे ही स्टेशन पर पहुंची ज्ञापन देने वाले स्वयंसेवी और व्यापारिक संस्थाओं के पदाधिकारी ज्ञापन देने के लिए उन तक पहुंच गए। बाजपेयी ने ज्ञापन देने वालों को महज यह कहकर डीआरएम के पास जाने की भेज दिया कि वहीं यात्रियों की सुविधाओं के सुझावों पर गौर करेंगे। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार बंसल की ओर से संजीव आजाद और अवधेश वर्मा ने डीआरएम चंद्रमोहन जिंदल को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में ओवरब्रिज से लेकर मुसाफिर खाने की आवाज बुलंद की गई है। इसके अलावा अजयकुमार अग्रवाल उर्फ पप्पी समेत राजकुमार मिश्र ने भी डीआरएम को ज्ञापन देकर यात्रियों के मामले में बात की। सीआरएस के दौरान लोगों की भी खासी भीड़ नजर आई।