बदायूं। एक ओर जहां राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) संग्रह में करीब 28 फीसदी वृद्धि के साथ देश की अर्थ व्यवस्था में सुधार की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर बदायूं में जीएसटी संग्रह घट गया है। जुलाई 2022 के मुकाबले अगस्त में करीब एक करोड़ और अगस्त 2021 के मुकाबले करीब दो करोड़ का राजस्व इस बार अगस्त में कम मिला है। गौर करने की बात यह है कि वाणिज्यकर विभाग में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन जीएसटी से मिलने वाला राजस्व कम हुआ है। वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राजस्व कम मिलने का प्रमुख कारण कई बड़ी फर्मों का बदायूं से अपना कारोबार बरेली शिफ्ट कर लेना है।
अगस्त 2022 में वाणिज्यकर विभाग ने जीएसटी के रूप में 625.03 लाख जुटाए हैं। जुलाई में यह आंकड़ा सात करोड़ से ज्यादा था। पिछले वर्ष अगस्त की बात करें तो जीएसटी के रूप में करीब आठ करोड़ का राजस्व मिला था। इस बार सेंट्रल जीएसटी के तहत भी राजस्व में कमी आई हे। वाणिज्यकर विभाग के प्रवर्तन दल ने भी अगस्त में जुलाई के मुकाबले जीएसटी चोरी के कम मामलों को पकड़ा है। जुलाई 2011 में प्रवर्तन दल ने जीएसटी चोरी के मामलों में 17.49 लाख वसूले थे, लेकिन अगस्त में 17.31 लाख ही वसूले जा सके। हालांकि, अगस्त 2021 के मुकाबले ज्यादा राजस्व मिला है। प्रवर्तन दल ने अगस्त 2021 में 10.27 और जुलाई 2021 में 3.30 लाख वसूले थे।
वाणिज्यकर विभाग का कहना है कि सबसे ज्यादा जीएसटी मेंथा, रेडीमेड गारमेंट्स, बिल्डिंग मैटेरियल के कारोबारियों से मिला है। यह तब है जब कई बड़े व्यापारियों ने बदायूं से काम समेट कर बरेली समेत अन्य बड़े जिलों में शिफ्ट कर लिया है। उनके कारोबार पर मिलने वाला जीएसटी अब बदायूं को नहीं मिला रहा है। भले ही सरकार को मिलने वाला जीएसटी प्रदेश और केंद्र स्तर पर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन बदायूं में यह कम होता जा रहा है।
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जिले में पंजीकृत हैं आठ हजार से ज्यादा छोटे और बड़े व्यापारी
जीएसटी के तहत जिले में आठ हजार से ज्यादा छोटे और बड़े व्यापारी पंजीकृत हैं। गौर करने की बात यह है कि कई बड़ी फर्मों के बदायूं से काम समेट लेने के बाद भी एक साल के दौरान बदायूं में एक हजार से ज्यादा नए व्यापारियों ने पंजीकरण कराया है। पिछले वर्ष जिले में जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या करीब सात हजार थी इस बार यह बढ़ कर आठ हजार से ज्यादा हो गई है। पंजीकृत व्यापारियों के बढ़ने के बाद भी जिले में जीएसटी के तहत राजस्व संग्रह घट रहा है।
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जीएसटी चोरी के पकड़े गए दो बड़े मामले
पिछले दिनों जिले में जीएसटी चोरी के दो बड़े मामले भी पकड़े गए। फर्जी फर्मों के नाम पर जीएसटी चोरी के दोनों मामलों में अब तक कार्रवाई चल रही है। इन दो बड़े मामलों में 35 लाख का मेंथा क्रिस्टल वाणिज्यकर प्रवर्तन दल की टीम ने पकड़ा था। यह मेंथा क्रिस्टल चंदौसी से प्रयागराज ले जाया जा रहा था। दूसरा मामला 75 लाख के गुटक से भरा ट्रक पकड़ने का है। गुटके से भरा ट्रक भी फर्जी फर्म, वे-बिल के ले जाया जा रहा था। इस ट्रक को बदायूं और उझानी के बीच सेंट्रल जीएसटी की टीम ने पकड़ा था।
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कुछ बड़ी फर्मों ने बदायूं से काम समेट कर बरेली से काम करना शुरू कर दिया है। इस कारण जिले में जीएसटी संग्रह कम हुआ है। जुलाई 2022 के मुकाबले अगस्त में करीब एक करोड़ और अगस्त 2021 के मुकाबले करीब दो करोड़ का जीएसटी संग्रह कम हुआ है।
-संजीव कुमार, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर
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जीएसटी में अब भी तमाम पेंचीदगियां हैं। फर्जी फर्मों के जरिया कारोबार के मामले भी हैं। व्यापारी वर्ग इनको लेकर परेशान है। यह बात सही है कि कुछ बड़ी फर्मों ने बदायूं से काम करना बंद कर दिया है। जीएसटी में पंजीकृत छोटे व्यापारियों की संख्या बढ़ रही है।
-केबी रस्तोगी, टैक्स कंसल्टेंट वाणिज्यकर