मकान के लिए कतरा बना देवदार का पेड़।
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वजीरगंज की बगरैन पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले गांव मुड़िया सतासी में कई दिन से आम के हरे वृक्षों का कटान हो रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि इस बारे में कई बार पुलिस को सूचना दी गई, इसके बाद भी पुलिस ने कार्रवाई की जरूरत नहीं समझी। वजीरगंज थाने के गांव मुड़िया सतासी में आम का एक काफी बड़ा बाग है। तीन दिन पहले आम के बाग में हरे वृक्षों का कटान शुरू हुआ था। यहां आम के कई हरे वृक्ष काटे जा चुके हैं। शुक्रवार को भी हरे वृक्षों का कटान जारी रहा। गांव के कई लोगों का कहना है कि हरे वृक्षों के कटान के बारे में उन्होंने बगरैन चौकी पुलिस के साथ वजीरगंज थाना पुलिस को भी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई जरूरी नहीं समझी। ऐसे में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि आम के हरे वृक्षों का कटान प्रतिबंधित है। विशेष परिस्थितियों में वृक्ष काटने के लिए वन विभाग से परमीशन की जरूरत होती है। मुड़िया सतासी में आम के कई हरे वृक्ष काटे जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक वन विभाग ने भी यहां सुध नहीं ली है।