शहीद स्मारक भूड़ा भदरौल में शहीद सीओ और पुलिस कर्मियों की याद में मेला लगाया गया। यहां जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने सहभागिता कर शहीदों को नमन किया। गारद ने शहीदों को सलामी दी।
शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य, एसपी सिटी कमल किशोर, सीओ भूषण वर्मा, थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह ने हवन पूजन कर शहीद स्मारक पर पुष्प समर्पित किए। यहां सतीश चंद्र शर्मा ने उस घटना का संगीतमय वृतांत सुनाकर सबकी आंखें नम कर दीं। बताया कि 1978 में सोमवती अमावस्या के दिन गंगा तट पर लगे मेले के समय काछी गिरोह का एटा के सीओ आरएन पांडे फोर्स के साथ पीछा कर रहे थे। तभी गिरोह ने गंगा में कूदकर मेले में लोगों के बीच खुद को छुपा लिया। सीओ पांडे भी रेकी करने लगे। मेले में बदमाशों के घुसने की खबर से भगदड़ मच गई। भगदड़ के बाद मेले से निकलकर बदमाश गन्ने के खेत में छुप गए। रात भर बदमाशों के साथ मुठभेड़ होती रही। सुबह खेत में छुपे बदमाश की गोली से कांस्टेबल रामदास, हेड कांस्टेबल मोहनलाल गौतम शहीद हो गए। दो जवानों के शहीद होने के बाद सीओ आरएन पांडे खेत में घुसे, जहां वह भी शहीद हो गए। तब पुलिस बल ने अंधाधुंध फायरिंग कर खेत में छुपे बदमाशों को मार गिराया और काछी गिरोह का खात्मा कर दिया। तब से यहां स्मारक पर शहीद सम्मान समारोह मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रबंधक दिनेश चंद्र शर्मा, पूर्व प्रधान अध्यक्ष सतीश चंद्र शर्मा, श्यामसुंदर उपाध्याय, राजेश्वर कश्यप, मुनीश कुमार गुप्ता, राजेश गुप्ता, महेंद्र सिंह, प्रधान हरवंश पहलवान, नीरज यादव, सुनील कुमार शर्मा, गंगा सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। संचालन गिरिराज शर्मा ने किया।
जवानों की याद में बनाया था शहीदस्थल
ग्रामीणों के मन में भी पुलिस की इस शहादत को लेकर स्मारक बनाने की ललक जागी। कन्हैयालाल शर्मा और रामेश्वरदाल शर्मा आदि की पहल पर क्षेत्र और गांव के लोगों ने शहीद स्मारक बनाने का निर्णय लिया। इसके लिए पांच बीघा जमीन भी पुलिस विभाग के नाम कर दी गई। 1982 में स्मारक बनवाया गया, हर साल शहीदों की याद में यहां आयोजन किया जाता है।
शहीद की पत्नी का किया सम्मान
शहीद रामदास की पत्नी शीला प्रतिवर्ष शहीद स्मारक पर आकर पति को श्रद्धांजलि अर्पित करती हैं। अस्वस्थ होने के बाद भी मंगलवार को शीला ने स्मारक पर आकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। एसपी सिटी कमल किशोर ने उन्हें शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया तो उनके आंसू छलकने लगे तब एसपी सिटी ने उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव सहायता के लिए कहा। उनकी एक ही बेटी है जो इस बार नहीं आ सकी। विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने भी शहीद की पत्नी को नकद राशि और शाल भेंटकर सम्मानित किया।
आरएन पांडे का बेटा भी हुआ शहीद
सीओ आरएन पांडे कानपुर के निवासी थे। उनके शहीद होने के बाद उनका इकलौता बेटा अशोक पांडे भी पुलिस सब इंस्पेक्टर बना। पिता की तरह ही तेजतर्रार अशोक भी गोरखपुर में नाव से नदी में बदमाशों का पीछा करते समय शहीद हो गया था।