बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज की हालत बद से बदतर है। यहां दो साल से महज एक ही सर्जन है, जबकि सर्जरी विभाग में 16 पद सृजित हैं। ऐसे में मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा। अधिकांश मरीजों को सैफई और अलीगढ़ रेफर कर दिया जाता है। एक दिन में महज तीन-चार ऑपरेशन ही हो पा रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन सर्जरी कराने वाले मरीजों की संख्या 100 से 110 रहती है, जबकि सर्जरी महज तीन या चार मरीजों की हो पाती है। इसका मुख्य कारण डॉक्टरों की कमी है। कॉलेज में 16 सर्जन होने चाहिए, लेकिन दो साल से डॉ. विपिन कुमार ही अकेले सर्जन हैं। मरीजों के इलाज के साथ ही वह छात्रों को पढ़ाने का भी काम कर रहे हैं। ऐसे में यहां से मरीजों को रेफर करने के अलावा डॉक्टर के पास कोई दूसरा रास्ता ही नहीं होता।
मरीजों को रेफर करने को लेकर शासन का स्पष्ट आदेश है कि जिस मेडिकल कॉलेज से मरीज को रेफर किया जाएगा तो वहां के संबंधित विभागाध्यक्ष को कारण भी स्पष्ट करना होगा। चूंकि यहां डॉक्टर ही नहीं हैं, ऐसे में सही वजह स्पष्ट नहीं की जाती। यहां से रोजाना 50 से 60 मरीजों को रेफर किया जा रहा है। रेफर किए गए सभी मरीजों की स्थिति गंभीर दिखाई जा रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज से मरीजों को रेफर किए जाने की शिकायत कई बार शासन तक भी पहुंची, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं हो सका।
10 दिन में 302 मरीज किए जा चुके हैं रेफर
राजकीय मेडिकल कॉलेज से 10 से 20 अक्तूबर तक 302 मरीज रेफर किए गए हैं। इमरजेंसी में पहुंचने वाले इन मरीजों को प्रारंभिक इलाज देने के बाद रेफर किया जाता है। इसमें 191 मरीज सैफई तो 111 मरीजों को अलीगढ़ भेजा गया। इसके अलावा ओपीडी से जो मरीज रेफर किए गए हैं, उनका रिकाॅर्ड मेडिकल कॉलेज प्रबंधन नहीं दिखा पा रहा। सर्जन की कमी से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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डॉक्टर देखने ही नहीं आ रहे : सौरभ
मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीज सौरभ शर्मा ने बताया कि उसे भर्ती कर लिया गया है, लेकिन सुबह से शाम हो गई डॉक्टर देखने तक नहीं आए हैं। ऐसे में न तो उनका ऑपरेशन हो पा रहा है, न ही उनकी परेशानी दूर हो पा रही है। उनकी पेशाब की नली में दिक्कत होने से पेशाब नहीं आ रही है। जब बहुत देर तक पेशाब नहीं आती है तो भयंकर दर्द शुरू हो जाता है। सुबह से दर्द से मरीज परेशान है, लेकिन इलाज नहीं मिल पा रहा। सिविल लाइन क्षेत्र के आवास विकास निवासी सौरभ ने बताया कि इमरजेंसी में पूछने पर बताया कि एक ही सर्जन डॉक्टर है, जब वह आएंगे तभी इलाज मिल सकेगा।
आते ही रेफर करने को कह दिया : परम सिंह
मेडिकल कॉलेज में तीसरी मंजिल पर भर्ती भीकमपुर निवासी परम सिंह ने बताया कि इलाज न मिल पाने की वजह से सैफई मेडिकल कॉलेज जाने का मन बनाया है। डॉक्टर ने तो आते ही रेफर करने को कह दिया था। बहुत कहने पर प्राथमिक उपचार करने के लिए भर्ती कर लिया है।
मेडिकल कॉलेज में 55 विशेषज्ञों की आवश्यकता है। दो साल से एक ही सर्जन डॉक्टर है। इससे दिक्कत हो रही है। डॉक्टर की कमी के कारण मरीजों को रेफर करना मजबूरी है। शासन स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है जल्द ही डॉक्टर मिलेंगे। - डॉ. अरुण कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज