खाद्य सुरक्षा विभाग को और अधिक मजबूत किए जाने के प्रयास बदायूं में शुरू हो गए हैं। इसके लिए शासन ने भी अपनी सक्रियता बढ़ाई है। दो नए पीसीएस अधिकारी अभी इस विभाग से जोड़े गए हैं। इधर, विशेष सचिव/ खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ जुवैर अली ने बदायूं खाद्य सुरक्षा विभाग की समीक्षा की है और अधिक सक्रिय रहने के आदेश किए हैं। पिछले दिनों उनका यहां आने का कार्यक्रम भी था, लेकिन वह अपरिहार्य कारणों से बदायूं नहीं आ सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग से हाल ही में नए पीसीएस अधिकारी चंद्र विजय सिंह और रामकिशोर को जोड़ा गया है। यहां बता दें इंस्पेक्टर रैंक के खाद्य सुरक्षा विभाग में अब तक चार अधिकारी थे। इनके आने से संख्या छह हो गई है, लेकिन बिसौली के इंस्पेक्टर केजे सिंह का इस बीच संभल जिले को तबादला कर दिया गया है। यह यहां क्षेत्र में मीट की दुकानों को लाइसेंस दिए जाने के मामले में विवादों में घिरे रहे थे। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग विशेषकर दूध और दूध से बनी वस्तुएं मावा और पनीर पर विशेष निगरानी रखता है। इसका काम भी जिले में सर्वाधिक है। अब तक दूध के 18 चिलिंग प्लांट थे। इनमें पांच कम होकर अब मात्र 13 चिलिंग प्लांट रह गए हैं। नामचीन कंपनियों के भी जिले में चिलिंग प्लांट हैं। ऐसे में इनके खिलाफ कार्रवाई करने में विभाग को धैर्य और हिम्मत दोनों का सहारा लेना पड़ता है।
हाल ही में जिलाधिकारी शंभूनाथ ने होली के नजदीक आने की सूचना देते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थों पर कड़ी निगरानी रखने और मिटावट के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने के आदेश किए हैं।
होली को ध्यान में रखते हुए और जिलाधिकारी के आदेश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें बनाई जा गई हैं। छापामारी और सेंपलिंग अभियान चलाकर किया जाएगा। विभागीय उच्चाधिकारियों से भी इस संबंध में निर्देश मिले हैं। मिलावट रोकने का भरसक प्रयास किया जाएगा।
संजय शर्मा, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग, बदायूं।