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चीनी मिलों ने शुरू किया गोलमाल, बिना पर्ची हो रही गन्ना खरीद

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बदायूं। गन्ना किसानों के हालात प्रदेश सरकार के कथन से एकदम उलट हैं। प्रदेश सरकार जहां किसानों की आय को दोगुनी करने की बात कह रही है, वहीं इससे इतर तमाम अव्यवस्थाएं हैं, जिनके चलते अन्नदाता परेशान हैं। हालत यह है कि जनपद में स्थापित चीनी मिल किसानों को बकाया न देते हुए माफिया से सांठगांठ कर गन्ने की खरीद कर रही हैं। नकद रुपये मिलने के चक्कर में मजबूरी में किसान भी माफिया को गन्ना बेचने के लिए मजबूर हो रहा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों की आय को दोगुनी करने को लेकर तमाम योजनाएं संचालित की हैं, लेकिन सरकार की अधिकांश योजनाएं धरातल पर हकीकत बनती नहीं दिखाई दे रही हैं। इसकी वजह से आम व्यक्ति से लेकर किसान तक परेशान है। उन्हें उनकी उपज की पूरी धनराशि तक समय से नहीं मिल पा रही है। वे अपने फसल के पैसे लेने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पर मजबूर हो रहे हैं।
जनपद में दो चीनी मिल हैं। एक दि किसान सहकारी चीनी मिल्स लिमिटेड शेखूपुर और यदु शुगर मिल बिसौली है। इन दोनों चीनी मिलों पर जनपद के किसान अपना गन्ना देते आ रहे हैं, लेकिन चीनी मिल की ओर से गन्ना किसानों को समय से पेमेंट नहीं किया जा रहा है। गन्ना किसानों का चीनी मिल पर पिछले साल का बकाया आ रहा है। इससे गन्ना किसानों में काफी गुस्सा है, लेकिन मजबूरी ये है कि उन्हें धनराशि की जरूरत है। ऐसे में माफिया किसानों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए सस्ते में गन्ना खरीद रहे हैं और चीनी मिलों से साठगांठ करते हुए गन्ने को चीनी मिल के लिए बिना पर्ची के सप्लाई कर रहे हैं।
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कोल्हू पर भरमार है गन्ने की
-चीनी मिल की ओर से बकाया धनराशि नहीं देने पर गन्ना किसान इधर-उधर भटक रहा है। ऐसे में गन्ना किसान कोल्हू पर नकद में अपना गन्ना बेच रहे हैं। यहां पर उन्हें अगेती प्रजाति का 200 और सामान्य का 170 से 180 रुपये पेमेंट मिल रहा है। चूंकि अभी शादी का सीजन है। ऐसे में किसानों ने शुरुआत में ही कोल्हू पर अपना गन्ना डाल दिया था। ऐसे में वहां पर गन्ने की भरमार है।
शासन की ओर से निर्धारित रेट
-अगेती प्रजाति-325
-सामान्य प्रजाति-315
माफिया द्वारा लिया जा रहा गन्ने का रेट
-अगेती प्रजाति-200
-सामान्य प्रजाति-180
अवैध गन्ना लेने पर चीनी मिल के जीएम समेत सात पर हो चुका है मुकदमा
-यदु शुगर मिल की ओर से गन्ने की अवैध खरीद की जा रही थी। जब ये मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो गन्ना सचिव प्रदीप वर्मा ने छापा मारा। इस दौरान उन्हें अन्य जनपदों की दो ट्रॉली गन्ने से भरी मिलीं। जांच पड़ताल में पता चला कि गन्ने की ट्रॉली को अन्य जनपदों से सस्ते में खरीदकर लाया गया था। जिस पर उनकी ओर से शुक्रवार रात यदु शुगर मिल के निदेशक कुणाल यादव, अध्यासी सुरेश चंद्र जौहरी, मुख्य वित्त अधिकारी डीके श्रीवास्तव, केन मैनेजर अवनीश यादव समेत सात लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। पिछले साल भी इन लोगों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है लेकिन कार्रवाई आज तक नहीं हुई।
क्या बोले किसान
गन्ना किसानों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उनकी समस्याओं से किसी को कोई सरोकार नहीं है। यही वजह है कि गन्ना किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही। उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
- उमेश सिंह
-जनपद के गन्ना किसानों ने ये फसल करके सबसे बड़ी गलती की है, अब तो ऐसा लग रहा है कि समस्या का समाधान हो ही नहीं पाएगा। किसान अपने ही पैसे के लिए दर दर की ठोकर खाने को मजबूर है।
- रामचंद्र
चीनी मिल किसानों से गन्ना खरीद रही हैं तो पेमेंट क्यों नहीं करती हैं। कहती है कि उनके पास में पैसे का अभाव है और माफिया से खरीदती है, तो वह तुरंत पेमेंट कर देती हैं। ये पैसा कहां से आ रहा है।
- ओमकार सिंह
-प्रशासन को चाहिए कि इस चीनी मिल को पूरी तरह बंद कर दे और यहां पर किसी और चीनी मिल के कांटे खुलवा दिए जाए ताकि समय से किसानों को पैसे तो मिल सके।
- आर्येेंद्र
बिसौली में अवैध तरीके से गन्ने की खरीद की जा रही थी। गन्ना सचिव ने अवैध गन्ने की ट्रॉली पकड़ ली थी, जिसके बाद में यदु शुगर मिल के जीएम समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा की जाएगी। अवैध गन्ना ब्रिकी किसी भी हाल में नहीं होने दी जाएगी। इसको को रोकने के लिए लगातार छापा मारा जाएगा।
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रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी
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