राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक (जीएम) और सफाई अभियान के नोडल अधिकारी जेएन सिन्हा ने बुधवार की देर रात में बदायूं डिपो पर छापा मारा। उन्होंने गहनता से निरीक्षण किया। गंदगी मिलने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सुधार लाए जाने की हिदायत दी। जीएम के कड़े तेवरों से डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) समेत बाकी अधिकारी-कर्मचारियों में खलबली मची रही।
जीएम ने निरीक्षण के दौरान वर्कशाप, स्टैंड के साथ ही बसों की हालत को देखा। पूरे परिसर में गंदगी मिलने पर उन्होंने बेहद नाराजगी जताई। कहा कि सफाई को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री काफी गंभीर हैं। लगातार अभियान भी चल रहे हैं फिर क्यों गंदगी को दूर नहीं किया जा रहा। जीएम ने कहा भविष्य में डिपो परिसर और बसों में गंदगी की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही को किसी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप काम किया जाए।
जीएम श्री सिन्हा ने इस बात पर और ज्यादा नाराजगी जताई जब उन्होंने वर्कशाप के टिन शेड को ध्वस्त देखा। निर्देश दिए कि तत्काल ही इसे ठीक करा दिया जाए। उन्होंने डिपो की आय के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही यात्री सुविधाओं के बारे में पूछा। करीब डेढ़ घंटे तक उन्होंने डिपो और वर्कशाप का निरीक्षण किया। इस दौरान बरेली के क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव चौहान, सेवा प्रबंधक अमरनाथ मेहता, एआरएम राजेश कुमार आदि थे।
जीएम के आने की खबर पर खटारा बसों को हटा दिया था डिपो से
बदायूं। जीएम के यहां आने की भनक लगते ही बदायूूं डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार के साथ ही अन्य कर्मचारियों में खलबली मच गई। सो उनके आने से पहले ही साफ-सफाई कराई गई। वर्कशाप में जो खटारा बसें थीं उन्हें वहां से हटवा दिया गया था।