बदायूं। जिले के 18 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राएं अब आधुनिक और तकनीक आधारित शिक्षा का लाभ उठा सकेंगी। डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन विद्यालयों में सूचना व संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) लैब शुरू की जाएगी। बीएसए ने कहा कि इससे बालिकाओं को प्रारंभिक स्तर पर ही तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सकेगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की बालिकाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे भविष्य में शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें। इन लैब्स के माध्यम से छात्राओं को कंप्यूटर संचालन, इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग, डिजिटल टूल्स, कोडिंग की शुरुआती जानकारी और एआई की मूलभूत अवधारणाएं सिखाई जाएंगी।
विद्यालयों में स्मार्ट कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, प्रोजेक्टर और अन्य डिजिटल उपकरण लगाए जाएंगे। इसके साथ ही शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे छात्राओं को तकनीकी विषयों को सरल और रुचिकर तरीके से समझा सकें। अधिकारियों का कहना है कि इससे पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और छात्राएं समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकेंगी।
इस योजना से बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित न रहकर विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकेंगी। इससे न केवल उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी बालिकाओं की भूमिका मजबूत होगी। बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह का कहना कि तकनीकी शिक्षा से लैस होकर छात्राएं भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगी और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएंगी।