बदायूं। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसको लेकर जिले के 35 विद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें तीन माह तक छात्राओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।
रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत 35 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित विशेषज्ञ छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराएंगे। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें शारीरिक सुरक्षा के साथ-साथ मानसिक रूप से मजबूत बनने, आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने और आत्मविश्वास के साथ किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरी तरह व्यावहारिक होगा, ताकि छात्राएं सीखी गई तकनीकों का जरूरत पड़ने पर प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बदलते सामाजिक परिवेश में छात्राओं का आत्मविश्वासी और सजग होना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से विद्यालय स्तर पर आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इससे छात्राओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे विद्यालय आने-जाने के दौरान भी खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।
यह पहल छात्राओं को केवल आत्मरक्षा के गुर ही नहीं सिखाएगी, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और साहस का भी विकास करेगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद छात्राएं किसी भी विषम परिस्थिति का बेहतर तरीके से सामना करने में सक्षम होंगी। -लालजी यादव, डीआईओएस