बदायूं। जिले के उच्च प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों व कस्तूरबा विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। छात्राएं विपरीत स्थितियों में अपनी रक्षा कर सकेंगी। उन्हें प्रतिदिन 40 मिनट का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उच्च प्राथमिक विद्यालय व कस्तूरबा विद्यालय में ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाली बेटियां आत्मरक्षा के मामले में आत्मनिर्भर होंगी। इसके लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बेटियों को जूडो-कराटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
खेल अनुदेशकों की ओर से प्रशिक्षण के दौरान रोजाना वीरांगना एप पर अपनी एवं बालिकाओं की उपस्थिति, फोटोग्राफ व वीडियो क्लिप करना अनिवार्य है। साथ ही जिन विद्यालयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहां पर एक रजिस्टर में प्रतिदिन प्रशिक्षण में प्रतिभाग करने वाली बालिकाओं की संख्या व पीटीआई के हस्ताक्षर संबंधी दस्तावेज तैयार करने होंगे। जिसे प्रशिक्षण के बाद मेें प्रधानाध्यापक सत्यापित करते हुए बीईओ के माध्यम बीएसए कार्यालय जमा करना होगा।
यह मिलेगा मानदेय
-खेल अनुदेशकों को 24 दिन का प्रशिक्षण एक स्कूल में देना होगा। एक स्कूल के 24 दिन पूरे होने पर उनको 2500 रुपये भी दिए जाएंगे। खेल शिक्षकों के लिए विद्यालयों का आवंटन किया जाएगा। उसके बाद में एक जुलाई से दिसंबर 2024 के बीच में छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।