हजार और पांच सौ रुपये के बंद हो जाने के बाद से मरीजों को हो रही परेशानी को दूर करने के लिए डीएम पवन कुमार ने सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि हजार और पांच सौ रुपये लाने वाले मरीजों का इलाज किया जाए। डॉक्टरों की रिपोर्ट पर उनके नोट प्राथमिकता के आधार पर बदले जाएंगे।
इस मामले में डीएम की अध्यक्षता में सीएमओ, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य, लीड बैंक और कोऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों से इस संबंध में बात की गई। इसमें डीएम ने डॉक्टरों को हजार और पांच सौ रुपये के नोट होने पर इलाज से इंकार न करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी बैंकों के जिला समन्वयकों की सूची डॉक्टरों और क्लीनिकों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बताया गया कि नजदीकी बैंक चिकित्सक की ओर से निर्गत पत्र पर रोगियों को धन निकासी में मदद करेंगे। साथ ही निजी चिकित्सालयों में में स्वैप मशीन लगाने का ऑफर बैंक कर्मियों की ओर से दिए, जिससे क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड से भुगतान किया जा सके।
नहीं पहुंचा पुराने नोटों से रजिस्ट्री कराने का आदेश
बदायूं। रजिस्ट्री कार्यालय में पांच सौ और हजार रुपये के प्रयोग करने पर हरी झंडी मिलने की खबरें लगातार टेलीविजन पर प्रसारित की जा रही हैं, लेकिन जिले में इस संबंध में मंगलवार रात नौ बजे तक कोई आदेश नहीं आया था। इस वजह से अभी इस मामले में संशय बरकरार है। इस बारे में प्रभारी डीएम एडीएम वित्त एवं राजस्व हवलदार सिंह यादव ने कहा कि आदेश आने के बाद ही कुछ भी स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है।
बिना अमिट स्याही के होंगे नोट एक्सचेंज
बदायूं। हजार और पांच सौ रुपये के नोट बंद किए जाने के बाद से बैंक शाखाओं में रुपये बदलने वालों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। तमाम लोग अपनी आईडी लगाकर दूसरों के रुपये बदल रहे हैं, जबकि जरूरतमंद लोगों को रुपये नहीं मिल पा रहे है। इस पर ध्यान देते हुए केंद्र सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा कि रुपये बदलने वालों के हाथों पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। जिससे कि वे बार-बार रुपये न बदल सकें, लेकिन बुधवार से यह आदेश जिले में प्रभावी नहीं हो पाएगा, क्योंकि जिला निर्वाचन कार्यालय के पास अमिट स्याही स्टॉक में नहीं है। इस बारे में लीड बैंक मैनेजर अनुराग रमन ने कहा कि अभी तक उन्हें अमिट स्याही नहीं मिल पाई है तो इसका प्रयोग कैसे हो पाएगा। वहीं, प्रभारी डीएम एडीएम वित्त एवं राजस्व हवलदार सिंह यादव ने कहा कि स्याही की उपलब्धता के बारे में स्पष्ट नहीं बता सकता हूं।