बदायूं। गन्ना किसानों की सहूलियत और उनके शोषण को रोकने के लिए शासन ने इस बार एसएमएस पर्ची शुरू की है। सहूलियत के लिए शुरू की गई यह योजना जरा सी चूक में किसानों को मुसीबत में भी डाल सकती है। अगर 24 घंटे के भीतर एसएमएस पर्ची नहीं पहुंची तो खुद ही निरस्त हो जाएगी। इसलिए किसानों से कहा गया है कि अपने फोन का इनबॉक्स खाली रहें। मेसेज आए तो तुरंत देखे। गन्ना क्रय केंद्रों पर भी एसएमएस पर्ची धारकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
किसानों को गन्ने की आपूर्ति कब करनी है विभाग से उनको जानकारी नहीं मिल पाती। पर्ची की सूचना और उसे हासिल करने के लिए कार्यालय और क्रय सेंटरों केचक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार पर्ची जल्दी निकलवाने के लिए उनसे पैसे तक ऐंठ लिए जाते हैं। कई बार तो सांठगांठ कर कर्मचारी पर्चियों में हेराफेरी भी करते हैं । किसी की पर्ची किसी और को थमा दी जाती है। पर्ची के लिए किसानों को बाबुओं पर ही निर्भर रहना पड़ता है। किसानों का शोषण रोकने के लिए शासन ने अब एसएमएस पर्ची की नई योजना शुरू की है। इसके तहत पेराई सत्र 2019-20 में पेपर पर्ची छपते ही किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एमएमएस से जानकारी भेजी जाएगी। लेकिन उन्हें अपने फोन पर खास नजर रखनी होगी। पंजीकृत नंबर वाले फोन में गड़बड़ी होने की स्थिति में एसएमएस पर्ची न पहुंचने पर वह 24 घंटों में खुद ही निरस्त हो जाएगी। ऐसे में उन्हें विभाग के चक्कर काटने पड़ेंगे। साथ ही अब क्रय केंद्रों पर एसएमएस पर्ची धारक किसानों को छपी हुई पर्ची लाने वाले किसानों से ज्यादा प्राथमिकता मिलेगी। जिला गन्ना अधिकारी राम किशन ने बताया कि आयुक्त, गन्ना एवं चीनी संजय आर भूसरेड्डी की मदद से बनी योजना पारदर्शिता लाने और किसानों का शोषण रोकने के लिए बनाई गई है। जैसे ही पर्ची प्रिंट होगी, तो किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस पर्ची तत्काल प्राप्त होगी।
शिकायतें मिल रहीं थी कि किसानों को पर्ची मिलने में दिक्कत आ रही है। उन्हें कोई पर्ची संबंधी जानकारी नहीं दे रहा है। इन सभी समस्याओं का इस योजना से समाधान हो जाएगा। शासन द्वारा गन्ना किसानों को ये सहूलियतें दी जा रही हैं। इसका किसानों को लाभ लेना चाहिए। अगर किसी का पंजीकृत नंबर गलत है, तो तुरंत उसे ठीक करा लें। - राम किशन, जिला गन्ना अधिकारी
किसानों के लिए मेसेज ही बन सकता है मुसीबत
पर्ची भेजने की नई व्यवस्था किसानों के लिए मुसीबत भी बन सकती है। सबसे बड़ी समस्या है मोबाइल जो काफी किसानों के पास नहीं है। जिन किसानों के पास मोबाइल हैं वो पढ़ना लिखना कम ही जानते हैं। ऐेसे में मेसेज पढ़वाने के लिए उनको दूसरों पर ही निर्भर होना पड़ेगा। कई किसान तो ऐसे है जिनके घरों में तो मोबाइल हैं, लेकिन वह खुद इस्तेमाल नहीं करते। अगर मेसेज आया तो तुरंत उनको जानकारी कैसे मिलेगी। अगर विभाग इसके लिए किसानों को जागरूक करे तो बेहतर होगा।
क्या बोले किसान
गन्ना किसानों का हर जगह शोषण हो रहा है। अब शासन ने एसएमएस पर्ची की सुविधा शुरू की है। इससे गन्ना किसानों को काफी हद तक फायदा मिलेगा। पर्ची कटने की जानकारी किसानों को समय से मिलेगी, तो वह उसके अनुरूप अपने गन्ना की कटाई भी कर सकेंगे। - दुर्गपाल सिंह पटेल, बाबट
गन्ना विभाग की एसएमएस की सुविधा से किसानों को सीधा फायदा होगा। क्योंकि अब किसानों को कार्यालय के चक्कर बेवजह नहीं लगाने होंगे। इससे दलालों पर भी काफी अंकुश लगेगा। साथ ही गन्ना किसान पर्ची के आधार पर अपनी तोलाई भी करा सकेंगे, ये अच्छी पहल है। - सुरेश, सिताबनगर