बदायूं। सिविल लाइंस पुलिस ने शहरी विकास अभिकरण विभाग की कर्मचारी प्रीति वर्मा के घर में बीते 20 दिसंबर को हुई 60 लाख रुपये की लूट के आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य आरोपियों को लंबे समय तक जेल में रखना और समाज से उनके भय को समाप्त करना है। पुलिस ने इस मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
थाना सिविल लाइंस के एसएचओ हरेंद्र सिंह इस मामले में दर्ज केस के वादी बने हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना उझानी थाना क्षेत्र के सकरी जंगल गांव का दीपक गौतम उर्फ मोनू है। जसविंदर उर्फ कोके, संतोष यादव और डेविड उर्फ शोएब उर्फ पप्पू को भी गैंग का सदस्य बनाया गया है। इन शातिरों ने प्रीति वर्मा को 20 दिसंबर की रात उनके घर में बंधक बनाकर नकदी, जेवर और लाइसेंसी पिस्टल लूट ली थी। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह आर्थिक लाभ के लिए संगठित तरीके से अपराध करता था।
सिविल लाइंस क्षेत्र की रेगालिया कॉलोनी में इसी गैंग ने घर में घुसकर लूट की इस वारदात को अंजाम दिया था। गैंगस्टर एक्ट लगाने के बाद पुलिस अब गिरोह के सदस्यों की संपत्तियों की जांच कर रही है। पुलिस उनकी अन्य आपराधिक गतिविधियों का भी पता लगा रही है।