फोटो- कदमनगला गांव की तरफ बढ़ रहा गंगा नदी का जलस्तर। संवाद
उसहैत। गंगा नदी के जलस्तर में कमी होने के साथ कदमनगला के ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है, लेकिन भू-कटान अभी जारी है। बृहस्पतिवार को दातागंज तहसील की टीम ने 21 परिवारों को राहत सामग्री के पैकेट बांटे। वहीं, ग्रामीणों ने बाढ़ खंड के अधिकारियों के प्रति नाराजगी है।
ग्राम कदम नगला में 10 दिन से भू-कटान जारी है। तीन सौ बीघा से ज्यादा भूमि गंगा में समा चुकी है। वहीं दो दिन में गंगा का जलस्तर लगभग 10 सेंटीमीटर घटा है, लेकिन उससे कटान में कोई राहत नहीं मिली है। बृहस्पतिवार सुबह कछला पुल पर लगे वाटर गेज में जलस्तर 162.23 नापा गया।
जटा, बेहटी, कमले नगला, अहमद नगर बछौरा में पानी कम होने से ग्रामीणों को राहत मिली है। ग्राम कदम नगला, सिथौली खाम, रैपुरा में कटान जारी है। कदम नगला में पूर्व माध्यमिक विद्यालय पूरी तरह से गंगा में समा चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक लगभग 300 बीघा खेती की जमीन गंगा में समा चुकी है, गांव की आबादी लगभग 50 है और यहां 21 घर बने हुए हैं। गंगा का कटान आबादी से लगभग 100 मीटर दूर है, ग्रामीणों ने अपने घरों से अनाज एवं अन्य जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है।
कदमनगला गांव के 35 परिवारों को मुख्यमंत्री बाढ़ राहत सामग्री वितरित की गई। लेखपाल अमित कुमार ने बताया कि आने वाले दो दिन में रैपुरा सिथौली खाम सहित अन्य गांवों को भी राहत सामग्री वितरित की जाएगी। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्रा ने बताया कि इन गांवों में अभी आवासीय जमीन में कटान नहीं हुआ है, यहां स्थिति बेहद संवेदनशील है, मकानों को कटने से रोक लिया है।