गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद तटबंधों पर बढ़ा दबाव।
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बदायूं। गंगा नदी के जलस्तर में चौबीस घंटे के दौरान करीब 32 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है। शनिवार को मीटर गेज पर जलस्तर 162.32 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 32 सेमी ऊपर है। शुक्रवार को जलस्तर 162.12 मीटर दर्ज किया गया था। जलस्तर बढ़ने के कारण शनिवार को मिनी कुंभ ककोड़ा मेला के लिए भूमि निरीक्षण करने गए अधिकारियों को रास्ते से ही लौटना पड़ा।
शनिवार को गंगा में नरौरा से 90570, बिजनौर से 58087 और हरिद्वार से 86487 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर एक बार फिर से खतरे के निशान से 32 सेमी तक ऊपर पहुंचने के कारण उसहैत, उसावां, गंगा-महावा तटबंधों पर दबाव बढ़ने से यहां हालात संवेदनशील हो गए हैं। सहसवान और दातागंज के तटवर्ती गांवों में कटान भी हो रहा है। इन दिनों लगातार बारिश के कारण बांधों से गंगा में ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है।
जलस्तर बढ़ने के कारण शनिवार को मिनी कुंभ मेला ककोड़ा के लिए भूमि के निरीक्षण का कार्यक्रम अधिकारियों ने टाल दिया है। अब जलस्तर कम होने के बाद निरीक्षण किया जाएगा। सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि शनिवार को भी हरिद्वार से 86 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। रविवार शाम तक यह पानी कछला पहुंच जाएगा। ऐसे में जलस्तर कम होने का अनुमान नहीं है। कटान वाले स्थानों पर टीमें अपना काम कर रही हैं।