गंगा आरती और कथा पूर्णिमा से एक दिन पूर्व एवं एक दिन बाद तक चलेगी। नेपाल के राजन भट्टाचार्य से प्रशिक्षित शिष्य आएंगे जो मूलत: वाराणसी से होंगे। इनमें तीन लोग आरती और चार संगीत पर होंगे। दो सहयोगी की भी भूमिका में रहेंगे। गंगा तट पर संगीन आतिशबाजी का भी मनोरम नजारा होगा। पहली बार गंगा कथा भी होगी जिसके लिए वाराणसी के गंगा कथा मर्मज्ञ जितेंद्राचार्य महाराज के द्वारा तीन दिवसीय कथा का आयोजन रहेगा।
आज पहुंचेगा टैंट नहीं है सुरक्षा व्यवस्था
कादरचौक। मेला ककोड़ा में मंगलवार को टैंट का सामान पहुंच जाएगा। पहली बार दीपावली से पहले मेला में टैंट का सामान पहुंचेगा लेकिन गंगा की कटरी में अभी तक पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं है। भिंड मध्यप्रदेश से आने वाले टैंट के मालिक निर्मल चंद्र अग्रवाल ने बताया कि पहली बार ककोड़ा मेला कर रहे है।
पानी के तीन टैंकर मेला स्थल पर पहुंचे
कादरचौक। मेला में तीन टैंकर उझानी, सैदपुर और गुलडिय़ा नगर पंचायत से पहुंचे है। और टैंकर मंगाए जाने को लिखा गया है। मुख्य सड़क के अलावा अंदर के मार्गो की भी छिड़काव के लिए इन टैंकरों को लगाया गया है।