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गंगा में उफान, पार किया खतरे का निशान

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बदायूं। गंगा ने रविवार को एक बार फिर से खतरे के निशान को पार कर दिया। कछला में मीटरगेज पर रविवार को गंगा का जलस्तर 162.35 दर्ज किया गया। खतरे का निशान 162 मीटर पर है। कई दिनों से गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव हो रहा है। रविवार को गंगा के रौद्र रूप को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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इस सीजन पहली बार शनिवार को हरिद्वार से गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया था। रविवार को गंगा में नरौरा से इस सीजन का सबसे ज्यादा 75180 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके अलावा नरौरा से 88710 और हरिद्वार से 103300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रविवार को एक बार फिर से हरिद्वार से गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। यह पानी भी सोमवार शाम तक बदायूं आ जाएगा। रविवार को ही गंगा ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। सोमवार को भी ज्यादा पानी आने से हालात और भी बिगड़ सकते हैं। गंगा के खतरे के निशान से पार होने के बाद तटवर्ती 20 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। उसहैत गंगा के उस पार के गांवों का संपर्क टूट गया है। यहां के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकलने लगे हैं।
उसहैत के गांव असमया रफतपुर, अहमदनगर बछौरा, कमलैयापुर को खाली कराने की तैयारी शुरू हो गई है। सहसवान के गांव तौफी नगला, परशुराम नगला में भी हालात बिगड़ गए हैं। उसहैत के गांव रैपुरा, अकदम नगला, ठकुरी नगला, जटा, बेहटी, भखरी, कमलू नगला, चेतराम नगला, दियूरी नगला बाढ़ से घिर गए हैं। सहसवान के गांव टोटपुर करसरी, भकरौलिया, नगला वीर सहाय, वरन नगला में कटान के साथ खतरा गहरा गया है।
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उसहैत बांध पर कटान, उसावां तटबंध को खतरा
रविवार को गंगा में नरौरा बैराज से सीजन का सबसे ज्यादा 75180 क्यूसेक पानी आने के बाद गंगा की धारा उसहैत बांध से टकरा रही है। कई स्थानों पर कटान हो रहा है। उसावां बांध को भी खतरा पैदा हो गया है। गंगा-महावा बांध पर पहले से सतर्कता है। इन तीनों तटबंधों को पहले से ही बाढ़ खंड की ओर से संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। कुल सात तटबंधों में तीन संवेदनशील होने के साथ अब अति संवेदनशील श्रेणी में पहुंच रहे हैं। बाढ़ खंड की टीमें कटान के खतरे को लेकर बालू भरी बोरियों का इस्तेमाल कर रही हैं।
रविवार को गंगा ने खतरे का निशान पार कर लिया है। इस सीजन रविवार को नरौरा बैराज से सबसे ज्यादा पानी छोड़ा गया है। गंगा में लगातार उफान के कारण तटवर्ती बीस से ज्यादा तटवर्ती गांवों के आसपास कटान हो रहा है। कई गांवों में पानी घुस गया है। पूरी सतर्कता से काम लिया जा रहा है। गंगा-महावा, उसहैत और उसावां तटबंधों पर विशेष निगरानी की जा रही है। -नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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