समय और दूरी दोनों में होगी कमी
गंगा एक्सप्रेसवे बनने से लखनऊ और दिल्ली के बीच की दूरी कम हो जाएगी, जिससे यात्रियों को कम समय में सफर करने की सुविधा मिलेगी। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच संपर्क मजबूत होगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और किसानों को अपने उत्पादों के बेहतर दाम मिल सकेंगे।
बदायूं में 92 किलोमीटर लंबा हिस्सा, 85 गांवों से गुजरा
जिलाधिकारी अवनीश राय ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद बदायूं में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 92 किलोमीटर है, जो बिसौली, बदायूं और दातागंज तहसीलों से होकर गुजरती है। इसके अंतर्गत 85 गांव प्रभावित हुए हैं और लगभग 1200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। जनपद में तीन प्रमुख इंटरचेंज- वनकोटा (बिसौली), घटपुरी (बदायूं) और डहरपुर कलां (दातागंज) पर बनाए गए हैं, साथ ही चार फ्लाईओवर और रामगंगा नदी पर 720 मीटर लंबा सेतु भी निर्मित किया गया है।
बदायूं से लखनऊ, प्रयागराज और मेरठ जाना हुआ आसान
- फोटो : संवाद
औद्योगिक गलियारों से बढ़ेगा रोजगार
एक्सप्रेसवे के किनारे बदायूं में दो बड़े औद्योगिक गलियारों का विकास किया जा रहा है। घटपुरी इंटरचेंज के पास लगभग 108 हेक्टेयर भूमि पर और डहरपुर कलां क्षेत्र में लगभग 300 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इससे क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना होगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सात हजार लोगों ने देखा सीधा प्रसारण
कार्यक्रम के दौरान हरदोई में आयोजित प्रधानमंत्री के मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक देखा। करीब सात हजार लोगों ने पीएम के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा। गंगा एक्सप्रेसवे का यह लोकार्पण न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो आने वाले समय में आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार और सामाजिक प्रगति की नई इबारत लिखेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे की खूबियां
- गंगा एक्सप्रेसवे को हादसा रहित बनाए जाने के लिए अलर्ट स्ट्रिप्स बनाए गए हैं। यह वाहन चालक के झपकी आने पर स्ट्रिप्स पर वाहन के आते ही कंपन से चालक को नींद से जगाने का काम करेंगे।
- गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों को डीजल, पेट्रोल और सीएनजी पंप के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन यानी ईवी चार्जिंग सेंटर की भी सुविधा उपलब्ध होगी।
- मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेसवे पर नौ स्थानों पर रेस्ट एरिया को विकसित किया गया है। एक एरिया का क्षेत्रफल करीब पांच हेक्टेयर रखा गया है।
- झूला पार्क भी बनवाए गए हैं। परिवार सहित सफर के लिए निकले लोगों के बच्चों के लिए एक्सप्रेसवे पर ही झूला पार्क विकसित कराए गए हैं। इससे सफर के दौरान लोग बच्चों के साथ कुछ पल बिता सकेंगे।
- एंबुलेंस की तैनाती के साथ ही ट्रॉमा सेंटर की भी स्थापना कराई गई है।
- गंगा एक्सप्रेसवे पर जिलों की पहचान के उत्पाद, भोजन और अन्य सामग्री भी उपलब्ध होगी। वहीं सफर करने वाले लोगों को गंगा भोग ढाबा के भोजन का स्वाद लेने का भी मौका मिलेगा।
- सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी। 120 किलोमीटर से अधिक गति सीमा होने पर वाहनों का आटोमैटिक चालान कट जाएगा।
- हाईटेक टोल प्लाजा बनवाए गए हैं। इससे वाहनों को कतार में नहीं लगना होगा, गति सीमा में ही वाहन के लिए ऑटोमेटेड सिस्टम से टोल की कटौती होते ही बूम खुल जाया करेगा।
- गंगा एक्सप्रेसवे पहला एक्सप्रेसवे होगा जिस पर ट्रक लेन भी बनवाई गई है।