वजीरगंज। बिसौली तहसील के गांव करकटपुर में शुक्रवार को तीसरे दिन भी गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य चालू नहीं हो सका। बुधवार को यहां ग्रामीणों ने कार्यदायी संस्था एसजी इंफ्रा की मशीनों का घेरकर नारेबाजी करते हुए काम रुकवा दिया था। एक दिन पहले राजस्व टीम के साथ एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा खुद मौके पर पहुंचीं थीं। पैमाइश भी कराई गई, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो सका।
गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की 85 गांवों से गुजरता हुआ 95 किमी की दूरी तय करेगा। सबसे ज्यादा 38 गांव बिसौली तहसील के हैं। बिसौली तहसील में वजीरगंज और बिसौली में दो साइड पर काम शुरू किया गया है। बुधवार को कार्यदायी संस्था भूमि का करकटपुर गांव में समतलीकरण कर रही थी। यहां ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि जिन किसानों की जमीन का एक्सप्रेस-वे का बैनामा कराया गया है उनकी जमीन को छोड़ दिया गया है। जिन किसानों की जमीन का बैनामा नहीं कराया गया है, वहां काम शुरू कर दिया गया है।
कई किसानों का कहना था कि उनकी तय से ज्यादा जमीन पर काम कराया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को एसडीएम ज्योति शर्मा राजस्व टीम के साथ करकटपुर पहुंचीं थीं। टीम में कानूनगो सत्यपाल सिंह, अनीस अहमद समेत शोभित, सज्जाद हुसैन, आदित्य तोमर, शिव हरि पंकज, वेदपाल सिंह आदि शामिल थे। मौके पर पैमाइश में कुछ खामियां निकलीं। ऐसे में शुक्रवार को भी यहां काम शुरू नहीं हो सका। करकटपुर के साथ ही तहसील के कई अन्य गांवों में भी ऐसी ही शिकायतों को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है।
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ग्रामीण बोले-नक्शा दुरुस्त कराने को कहा गया
गांव के उदयवीर, अरविंद, विपिन, ओमकार, योगेश, जगदीश, शिव शंकर, सुभाष, ओमवती, विनय, मदन लाल आदि का कहना है कि उनकी जमीन बिना बैनामा ही एक्सप्रेस-वे में जा रही है। बृहस्पतिवार को एसडीएम के साथ राजस्व टीम आई और यहां पैमाइश भी की, लेकिन ग्रामीणों से ही उनको जमीन का नक्शा दुरुस्त कराने को कह दिया गया। अगर ग्रामीण नक्शा दुरुस्त कराते हैं तो इसमें काफी समय लग जाएगा। तहसील प्रशासन को खुद ही समस्या का निस्तारण करना होगा।
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गांव में पैमाइश कराने के साथ ग्रामीणों से बात भी की है। किसी भी ग्रामीण की बिना बैनामा अतिरिक्त जमीन एक्सप्रेस-वे में नहीं जाएगी। जहां भी पैमाइश में खामियां हैं उनको दूर किया जाएगा। ग्रामीणों को बेवजह परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है।
-ज्योति शर्मा, एसडीएम बिसौली