बदायूं। पिछले दिनों कुछ सुस्त होने के बाद कोरोना संक्रमण की रफ्तार फिर बढ़ने लगी है। तीन दिन में जिले में 15 नए संक्रमित मिले हैं। इस दौरान स्वस्थ होने वाले संक्रमितों की बात करें तो सिर्फ चार लोग स्वस्थ हुए हैं। जिले में कोरोना के सक्रिय रोगियों की संख्या बढ़कर अब 21 हो गई है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित बायो सेफ्टी लेबल-2 लैब (बीएसएल-2) ठप है। आरटीपीसीआर जांच के लिए सेंपल ग्रेटर नोएडा के जीएसएमआई भेजने पड़ रहे हैं।
जिले में शुक्रवार को भी चार कोरोना संक्रमित मिले हैं। बृहस्पतिवार को चार और बुधवार को सात कोरोना संक्रमित मिले थे। शुक्रवार को लिए गए 1926 सैंपल की जांच रिपोर्ट शनिवार को आएगी। इनमें आरटीपीसीआर जांच के लिए 936 सैंपल नोएडा भेजे गए हैं। कुल लिए गए सैंपल में 50 प्रतिशत की एंटीजन और 50 की आरटीपीसीआर जांच कराए जाने की गाइड लाइन है। एंटीजन जांच तो जिले में हो रही है, लेकिन आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल नोएडा भेजे जा रहे हैं।
दरअसल, राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बायोलॉजिस्ट न होने की बात कही है।
बृहस्पतिवार को जिले में 1900 सैंपल लिए गए थे। इनमें 900 की आरटीपीसीआर और 900 की एंटीजन जांच कराई गई। शुक्रवार को आई रिपोर्ट में चार संक्रमित निकले हैं। नए मिलने वाले संक्रमितों में रिसौली, रियोनाई, कुतरी गांव और एक शहर के पक्का बाग का है। कांट्रैक्ट एंड ट्रेसिंग ऑफिसर कोविड- 19 डॉ. रजनीश शर्मा ने बताया कि सक्रिय रोगियों की संख्या 21 हो गई है। शुक्रवार को एक रोगी स्वस्थ हुआ और चार नए रोगी मिले हैं। सभी को क्वारंटीन किया गया है। बुधवार को सात और बृहस्पतिवार को चार नए रोगी मिले थे।
-
संक्रमण बढ़ने से नए वेरिएंट का भी खतरा
एक बार फिर कोरोना संक्रमण की रफ्तार जिस तरह से बढ़ रही है उसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी चिंतित हैं। एसीएमओ/नोडल अधिकारी टीकाकरण डॉ. मोहम्मद असलम का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इन दिनों कोरोना के नए-नए वेरिएंट सामने आ रहे हैं। नए वेरिएंट से बचने के लिए बूस्टर डोज बेहद जरूरी है। जिन लोगों को दूसरी डोज लिए छह माह या फिर 26 सप्ताह का समय हो चुका है और वह 18 वर्ष से अधिक आयु के हैं तो टीकाकरण केंद्र पर निशुल्क बूस्टर डोज ले सकते हैं। बूस्टर डोज से ही एंटीबॉडी तैयार होगी और संक्रमित होने का खतरा लगभग खत्म हो जाएगा। इन दिनों जो नए संक्रमित मिल रहे हैं उनमें ज्यादातर ऐसे हैं जो कोरोना वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज ले चुके हैं।
-
इन दिनों कोरोना संक्रमण की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल नोएडा भेजे जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज स्थित बायो सेफ्टी लेबल-2 लैब में आरटीपीसीआर जांच नहीं हो पा रही है। आरटीपीसीआर जांच जिले में हो इसका प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ